सूदखोरों ने इतना तंग किया कि जहर खाकर मर गया युवक
सूदखोर और उसके भाई समेत चार पर पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
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बदायूं। सूदखोरों ने एक व्यक्ति को इतना तंग किया कि उसे उनसे निजात पाने के लिए अपनी जान देने के अलावा कोई रास्ता नहीं सूझा। परेशान युवक ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने सूदखोर युवक और उसके भाई समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इन सूदखारों द्वारा तंग होने वाले और भी कई लोग हैं, लेकिन अब इनकी वजह से एक शख्स को अपनी जान गंवानी पड़ गई।
सिविल लाइंस क्षेत्र के ढाक वाली ज्यारत के पास रहने वाला सोनू शर्मा ने शहर के कुछ लोगों से काम के लिए एक लाख रुपये उधार लिए थे। बकौल सोनू, उसने मूल से ज्यादा ब्याज उन लोगों को चुका दिया था, लेकिन सूदखोर उस पर लगातार और रुपये देने को दबाव बना रहे थे। आरोप है कि वे उसे परेशान करते थे, जिससे तंग आकर उसने तीन दिन पहले जहर खाकर जान दी दी। मरने से पहले सोनू ने एक वीडियो बनाई, जिसमें सूदखोरों के नाम लेते हुए उनसे परेशान होकर मरने की बात कही। पुलिस ने इस मामले में शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर में जोगेंद्र सिंह की कोठी के निकट रहने वाले कौशल गुप्ता, उसके भाई सौरभ गुप्ता समेत अनिल मौर्य और सचिन मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें अनिल और सचिन पिता-पुत्र हैं।
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सूदखोर पर और भी दर्ज हुए हैं मुकदमे
बदायूं। सूदखोरी का काम करने वाले कौशल गुप्ता पर करीब आठ साल पहले एक और इसी तरह का मुकदमा दर्ज हो चुका है। कृष्णापुरी निवासी एक व्यक्ति की पत्नी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पति ने कौशल गुप्ता से 30 हजार रुपये 20 प्रतिशत ब्याज पर लिए थे। उनके पति दो सौ रुपये प्रतिदिन कौशल को देते थे। इस प्रकार उन्होंने 36 हजार रुपये किस्तों में तथा 40 हजार रुपये एकमुश्त उसे देकर हिसाब खत्म कर दिया था लेकिन कौशल ने और रुपये मांगना शुरू कर दिए थे। आरोप है कि जब उसके पति ने विरोध किया तो कौशल गुप्ता ने उससे कहा कि एक रात को अपनी पत्नी उसके पास भेज दे। महिला ने कौशल गुप्ता पर मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा गिंदोदेवी कॉलेज की भी एक प्रोफेसर ने कोतवाली में कौशल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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मरने से पहले क्या कहा सोनू ने....
बदायूं। जहर खाने से पहले सोनू ने कहा-
''एसएसपी अंकिता शर्मा जी, मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी मौत का कारण केवल कौशल गुप्ता, सौरभ गुप्ता और अनिल मौर्य मंडी समिति हैं। मैंने इन लोगों से कर्जा लिया था। मैं इन लोगों से पैसे से ज्यादा इंटरेस्ट दे चुका हूं, लेकिन इन लोगों का कर्जा खत्म नहीं हो रहा है। इन लोगों ने मुझ पर ऐसा दबाव डाला है कि मेरा सारा काम बंद हो गया। मैं एक महीने से घर पर खाली बैठा हूं। आर्थिक तंगी के कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं। एडवोकेट कौशल गुप्ता एक वकील है जो वकील होने की धमकी देता है और अनिल मौर्य का लड़का सचिन मौर्य सांसद जी के यहां नौकरी करता है और इस वजह से धमकी देता है। इन लोगों की वजह से मेरा काम खराब हो गया है, इस वजह से मैं आत्महत्या कर रहा हू। एसएसपी साहिबा, मेरी मदद करिए।''



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