मदर एथीना स्कूल में दिखा शिक्षा, कला, कौशल और रचनात्मकता का संगम, बाल मेले में उमड़ी हजारों की भीड़

मदर एथीना स्कूल में दिखा शिक्षा, कला, कौशल और रचनात्मकता का संगम, बाल मेले में उमड़ी हजारों की भीड़

मेले में कक्षा-4 (स) के अक्षत सिंह ने रेफ्रिजरेटर, 6 (अ) के अध्ययन सारस्वत ने डिनर सेट और 7 (स) के आर्यन यादव ने मल्टीपरपज स्टीमर जीते उपहार में 

बच्चों ने लगाए स्टॉल, शिक्षा के साथ-साथ व्यवसायिक गुर  भी सीखे

बदायूं। मदर एथीना स्कूल में लगे बाल मेले में शिक्षा के साथ-साथ कला, कौशल और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां बच्चों ने स्टॉल लगाकर व्यावसायिक गुर सीखे। यहां पुरस्कारों की भी बरसात हुई। मेले में कक्षा-4 (स) के अक्षत सिंह ने रेफ्रिजरेटर, 6 (अ) के अध्ययन सारस्वत ने डिनर सेट और 7 (स) के आर्यन यादव ने मल्टीपरपज स्टीमर उपहार में जीते। दिन भर मेले में आने जाने वालों का तांता लगा रहा। 

मदर एथीना स्कूल द्वारा ‘बाल दिवस’ के उपलक्ष्य में शिक्षा के प्रयोगात्मक स्वरूप को जीवन में उतारने एवं कुछ करके सीखने का अवसर प्रदान करने के लिए एक बेहद ही भव्य ‘बाल मेले’ का आयोजन रविवार को किया गया। बाल मेले में विद्यार्थियों ने कुल 52 दुकानें लगाई जिनको विधिवित व्यावसायिक तरीके से विद्यार्थियों के मध्य

वितरित किया गया था। दुकानों में खाद्य-पदार्थों एवं विभिन्न प्रकार के खेलों आदि का व्यवसाय किया गया था। मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र विद्यार्थियों द्वारा विशेष रूप

से तैयार किए गए स्टॉल में पीसीएम चाय वाला, चापवाला, भेलपुरी, मिकी माउस, बैलून शूटिंग, टेल द डंकी, क्वीन इज लॉस्ट, हूपला, मिठाई एवं पान आदि रहे। 

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भारतीय संस्कृति और ग्रामीण सभ्यता का दिखा नजारा

बदायूं। मेले में भारतीय संस्कृति की प्राचीन एवं अक्षुण्य पहचान उसकी ग्रामीण सभ्यता को भी जीवंत रूप से उभारा गया था। दर्शकों के लिए सर्वाधिक आकर्षण का

केंद्र वर्तमान में सर्वाधिक पसंद की जाने वाली नई पीढ़ी हेतु ‘सेल्फी कार्नर’ रहा जोकि वास्तव में ही बेहद आकर्षक था। 

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निदेशिका और प्रधानाचार्य ने किया बच्चों का उत्साहवर्धन

बदायूं। बाल मेले के प्रारंभ में विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत, निदेशक सुकल्प सारस्वत एवं प्रधानाचार्या पवित्रा यादव ने प्रत्येक विद्यार्थी की दुकान पर जाकर उसका उद्घाटन कर उनका उत्साहवर्धन किया, साथ ही भविष्य में स्वरोजगार की पहल को आगे बढ़ाते हुए जीवन में उच्चतम सफलता प्राप्त करने हेतु आशीर्वाद प्रदान किया। विद्यालय के बाल मेले के रचनात्मक गेट से लेकर पूरे मेले की सजावट का अनुपम एवं अनोखा सराहनीय कार्य शिक्षकों के निर्देशन में विद्यार्थियों द्वारा ही किया गया जोकि दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाला था। बाल मेले में शहर से आए हुए बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावकों, परिचितों एवं विशेतया मदर एथीना स्कूल के पूर्व विद्यार्थियों द्वारा इसकी शोभा को और अधिक बढ़ाया गया। 

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स्टॉल लगाने वाले बच्चों ने भी जीते पुरस्कार

बदायूं। मेले के अंत में लकी ड्रा का आयोजन भी किया गया था जिसमें प्रथम विजेता कक्षा-4 (स) के अक्षत सिंह को 210 लीटर का रेफ्रिजरेटर, द्वितीय विजेता कक्षा-6 (अ) के अध्ययन सारस्वत को डिनर सेट एवं तृतीय विजेता कक्षा-7 (स) के आर्यन यादव

को मल्टीपरपज स्टीमर उपहार स्वरूप प्रदान किया गया। उपहार पाकर अभिभावकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। मेले में दुकान लगाने वाले विद्यार्थियों में आत्मविश्वास के साथ-साथ कार्य को और अधिक लगन और मेहनत के साथ करने के लिए उत्साहवर्धन हेतु फूड स्टॉल एवं गेम स्टॉल में क्रमशः सर्वश्रेष्ठ स्टॉल को चार हजार व तीन हजार का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। 

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'' मुझे यह बताते हुए अत्यंत गर्व और हर्ष हो रहा है कि ‘बाल दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित हमारा भव्य ‘बाल मेला’ अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह मेला मात्र मनोरंजन का एक अवसर नहीं था, बल्कि यह हमारे विदयार्थियों की रचनात्मकता, टीम वर्क और उद्यमिता के गुणों को उजागर करने वाला एक महत्वपूर्ण शैक्षिक मंच था। 52 स्टॉलों का सफलतापूर्वक संचालन करके हमारे विद्यार्थियों ने यह

सिद्ध कर दिया है कि वे किताबी ज्ञान को वास्तविक जीवन के  कौशल में बदलने की क्षमता रखते हैं। इस बाल मेले में विद्यार्थियों एवं उनका निर्देशन करने वाले शिक्षकों का उत्साह और आत्म-कौशल का प्रदर्शन ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। हमें विश्वास है कि हमारे विद्यार्थी इसी लगन और मेहनत के साथ जीवन में उच्चतम सफलता प्राप्त करेंगे। ''

चयनिका सारस्वत, निदेशक, मदर एथीना स्कूल

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  • user by संजीव

    इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से

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  • user by Mala

    Good reporting

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  • user by सुधाकर सिंह नोएडा

    रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज

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