बदायूं के मेडिकल कॉलेज से रेफर किया जा रहा था मरीज, डिप्टी सीएम के पहुंचने से पहले हो गई मौत
डिप्टी सीएम बोले- 'मेडिकल कॉलेज से रेफर करने की परंपरा स्वीकार नहीं, जितने पद खाली, उन्हें भरा जाए'
मेडिकल कॉलेज में गंदगी की भरमार, डिप्टी सीएम ने कर्मचारियों का एक माह का वेतन न देने के दिए निर्देश
बृहस्पतिवार को अचानक मेडिकल कॉलेज पहुंच गए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, अधिकारियों की फूल गई सांस
मरीजों का हालचाल भी लिया, व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश
बदायूं। डिप्टी सीएम और चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक बृहस्पतिवार को अचानक राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। चूंकि उनका पहुंचना आकस्मिक था तो मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाएं भी उनके सामने खुलकर आ गई। यहां भर्ती एक मरीज की उनके पहुंचने से कुछ देर पहले ही मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार, उस मरीज को यहां से
रेफर किया जा रहा था। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से मरीजों को रेफर किए जाने की पंरपरा स्वीकार नहीं है। जितने भी पद खाली हैं उन्हें भरा जाए। इस बाबत सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों को भर्ती करने का अधिकार दिया जा चुका है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बृहस्पतिवार शाम को अचानक राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। यहां उन्होंने मेडिकल कॉलेज में व्याप्त गंदगी देखी तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार से तुरंत सभी आउटसोर्सिंग कंपनी को नोटिस देने तथा एक महीने का कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हम सफाई के लिए भुगतान करते हैं, लेकिन वह अचानक आए तो यहां सफाई नहीं पाई गई। इसके बाद डिप्टी सीएम ने मरीजों का हालचाल लिया। एक मरीज के परिवार वालों के पास
जब पहुंचे तो ड्यूटी डॉक्टर ने आकर उसकी स्थिति की जानकारी दी। डॉक्टर ने कहा कि मरीज को रेफर किया जा रहा था, लेकिन कुछ ही देर पहले उसकी मौत हो गई। इसके बाद डिप्टी सीएम ने मरीज का शव गाड़ी से उसके घर भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, नगर विधायक महेश गुप्ता, शेखूपुर के पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य आदि उनके साथ रहे।
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एक माह के भीतर प्राचार्य को रिपोर्ट देने के निर्देश
बदायूं। डिप्टी सीएम ने मेडिकल कॉलेज से मरीजों को रेफर करने पर भी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कॉलेज में रेफर करने की परंपरा को वह स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी मेडिकल कॉलेज को प्राचार्यों को भर्ती करने का अधिकार अब दे दिया गया है। यह अधिकार अभी तक शासन के पास था। उन्होंने इस बाबत प्राचार्य को निर्देश भी दिए कि सभी खाली पदों को भरा जाए और उसकी रिपोर्ट एक माह के भीतर उन्हें दी जाए।
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प्राचार्य ने कहा-एकेडमिक ब्लॉक तो जिलाध्यक्ष बोले- 'वहां तो सब अच्छा ही अच्छा'
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्याप्त अव्यस्थाओं से सब परिचित हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता समय-समय पर हाईकमान को इसके बारे में परिचित कराते रहते हैं। पिछली बार भी जब डिप्टी सीएम बदायूं आए थे तो जिलाध्यक्ष ने उनसे मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने को कहा था। इस बार भी जिलाध्यक्ष ने उनसे कहा तो डिप्टी सीएम अचानक ही उधर का कार्यक्रम बना लिया और यही वजह रही कि कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं की पोल खुल गई निरीक्षण के दौरान जब डिप्टी सीएम ने प्राचार्य से बात की तो प्राचार्य ने उन्हें एकेडमिक ब्लॉक चलने को कहा। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने प्राचार्य को बीच में ही टोक दिया कि वहां मत ले चलो वहां तो सब अच्छा ही अच्छा है।
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पत्रकारों से बोले डिप्टी सीएम- 'हर जिले में बन रहा मेडिकल कॉलेज'
बदायूं। मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण से इतर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करके सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। बोले- प्रदेश में कानून, बिजली, चिकित्सा समेत सभी व्यवस्थाएं सुधरी हैं। बोले- जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य
सेवाएं उच्चीकृत हो रही हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज बन रहा है। पर, बदायूं के मेडिकल कॉलेज में निरीक्षण के दौरान उन्हें जो मिला, उससे देखते हुए तो लोगों का यही कहना है कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने से बेहतर है कि जिन जिलों में यह पहले से बने हुए हैं, उन पर ही पूरा ध्यान लगाकर सुविधाओ को बढ़ाना ज्यादा बेहतर रहेगा।
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