...तो धर्मांतरण के मामले में बदायूं का एक भाजपा नेता भी है शामिल, कथित पादरी के साथ भी बताए जा रहे संबंध
इस्लामनगर समेत अलापुर के गांवों में चल रहा था धर्मांतरण का खेल, आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
मोटी फंडिंग आती है धर्मांतरण करने और कराने वालों को, कुछ और भाजपा नेता भी हो सकते हैं शामिल
बदायूं। जिले में धर्मांतरण का मामला इन दिनों गर्माया हुआ है। इस्लामनगर में दंपती समेत अलापुर के कथित पास्टर को गिरफ्तार करने के बाद इसमें एक भाजपा नेता की भी एंट्री बताई जा रही है। चर्चा ये है कि भाजपा का ये नेता धर्मांतरण कराने वालों को संरक्षण दे रहा था। अब इसके पीछे उसकी मंशा क्या थी, इसे धर्मांतरण कराने वालों को मिलने वाली मोटी फंडिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुछ दिनों पहले इस्लामनगर पुलिस ने सूचना के आधार पर ग्राम कुन्दावली के भोले-भाले व गरीब लोगों को आर्थिक लाभ एवं प्रलोभन देकर हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के कार्य में कुछ लोगों के लगे होने पर गिरफ्तार किया था। इसमें हृ्रदेश कुमार उर्फ विक्की पास्टर नीतू पत्नी हृदेश कुमार निवासी मोहल्ला नाथूराम कोर्ट, कासगंज तथा अंजू निवासी ग्राम कुन्दावली के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करके पकड़ लिया गया था। इसके अलावा पुलिस ने अलापुर के वार्ड संख्या चार निवासी सुरेन्द्र उर्फ बल्ले को भी गिरफ्तार किया था। सभी के कब्जे से भी भारी मात्रा में ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार से सम्बन्धित पुस्तकें बरामद हुई थीं।
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भाजपा नेता का संरक्षण करने में आ रहा नाम
बदायूं। अलापुर के सुरेंद्र के पकड़े जाने के बाद चर्चा है कि धर्मांतरण के इस खेल में भाजपा का एक नेता भी शामिल है। यह नेता भाजपा की जिला कमेटी में पदाधिकारी बताया जा रहा है। चर्चा है कि यह नेता ही अलापुर में धर्मांतरण कराने वाले सुरेंद्र को संरक्षण दे रहा था। चर्चा तो यहां तक है कि उसके पकड़े जाने पर इस भाजपा नेता ने अलापुर थाने में पुलिस से इसे छोड़ने की पैरवी तक की थी, लेकिन पुलिस ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि मामला 'बाबा' यानी योगी आदित्यनाथ तक के संज्ञान में है। ऐसे में कहीं खुद का नाम सामने न आ जाए, इस भाजपा नेता ने अपने हाथ खींच लिए।
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ईसाई मिशनरीज करती हैं मोटी फंडिंग
बदायूं। बताते हैं कि धर्म परिवर्तन करने वालों को ईसाई मिशनरीज मोटी रकम देती हैं। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन कराने वालों को भी मोटी फंडिंग की जाती है, जिस कारण लालच में इससे जुड़ते जाते हैं। हो सकता है कि इसी फंडिंग के लालच में कुछ भाजपा नेता धर्मांतरण कराने वालों के संरक्षक बन गए हों।
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