'समाजवादी गिद्धों वापस जाओ'...बदायूं में आखिर क्यों लगे अखिलेश यादव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे, सांसद को दिखाए काले झंडे

'समाजवादी गिद्धों वापस जाओ'...बदायूं में आखिर क्यों लगे अखिलेश यादव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे, सांसद को दिखाए काले झंडे

आक्रोशित लोगों ने सपा मुखिया अखिलेश समेत समाजवादी पार्टी मुर्दाबाद के लगाए नारे

पोस्टरों पर लिखा- 'अखिलेश यादव का हाथ हमेशा गुंडो के साथ'

बिसौली तहसील के गांव खेड़ादास का है मामला

बदायूं। बिसौली तहसील के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव खेड़ादास में समाजवादी पार्टी के खिलाफ लोगों ने बृहस्पतिवार को जमकर नारेबाजी की। न केवल पार्टी बल्कि पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के विरोध में भी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। सांसद आदित्य यादव का काफिला जब गांव से गुजरा तो लोगों ने उन्हें काले झंडे भी दिखाए। 

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ये है पूरा मामला

बदायूं। थाना फैजगंज बेहटा के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़ादास में विगत दो अक्टूबर को दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद जमकर मारपीट हुई और एक पक्ष के नौ लोग घायल हो गए थे। बताते हैं कि एक व्यक्ति की मौत भी इसी कारण हो गई थी। इसमें एक पक्ष क्षत्रिय समाज का तथा दूसरा पक्ष मैथिल व जाटव समाज का था। इसमें एक पक्ष के खिलाफ मुकदमा लिखकर कई लोगों को जेल भी भेज दिया गया था। पुलिस पर भी आरोप प्रत्यारोप लगे थे। 

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सपा बीच में आई तो राजनीति गर्माई

बदायूं। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने नौ लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर 16 अक्टूबर को गांव खेड़ादास जाने तथा वहां की रिपोर्ट कार्यालय में सौंपने को कहा था। इस प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष आशीष

यादव, सांसद आदित्य यादव समेत दोनों वर्तमान विधायक ब्रजेश यादव व हिमांशु यादव समेत नौ लोग शामिल थे। इसी के तहत बृहस्पतिवार को सांसद आदित्य यादव के साथ पूरा प्रतिनिधि मंडल व पार्टी के कई नेता खेड़ादास गए थे लेकिन वहां क्षत्रिय समाज के लोग एकजुट हो गए और विरोध प्रदर्शन कर दिया। 

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पोस्टर लेकर बैठी महिलाएं, लिखा- 'समाजवादी गिद्धों वापस जाओ'

बदायूं। सपा के प्रतिनिधि मंडल के आने की तारीख तया थी तो क्षत्रिय समाज ने पहले ही विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रखी थी। उनका आरोप था कि सपा एक पक्ष का खुलकर समर्थन कर रही है, जबकि उनके पक्ष को सुना तक नहीं गया। इस पर क्षत्रिय समाज के तमाम लोग गांव के बाहर ही एकत्र हो गए। जैसे ही समाजवादी पार्टी के नेताओं का काफिला गांव पहुंचा, वैसे ही लोगों ने सपा के खिलाफ नारेबाजी करनी


शुरू कर दी। लोगों ने सपा समेत सपा मुखिया अखिलेश यादव और सांसद आदित्य यादव के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। केवल इतना ही नहीं, महिलाएं भी पोस्टर बैनर लेकर बैठीं दिखाई दीं। इन पोस्टरों पर 'समाजवादी गिद्धों वापस जाओ', 'अखिलेश यादव का हाथ हमेशा गुंडो के साथ' आदि लिखा था। 

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क्या लगे नारे और क्या कहा सांसद ने-

(वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)-

https://www.facebook.com/share/v/17Bi1i6gAN/

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क्या कहा सांसद ने- 

बदायूं। गांव पहुंचे सांसद आदित्य यादव ने कहा कि ऐसा नहीं है कि हम केवल उनके साथ हैं जिन्होंने हमें वोट दिया है। हम उनके भी साथ हैं जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया है। ये दो पक्षों में जो झगड़ा हुआ है वह पुलिस और प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। दोनों पक्षों को थाने में बैठाना चाहिए था और विवाद खत्म करने का प्रयास करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया बल्कि उसे और तूल दी गई। हमारे प्रतिनिधिमंडल के आने का उद्देश्य यही है कि सभी का पक्ष सुना जाए। सांसद ने भाजपा पर आरोप भी लगाया कि आसपास के स्थानीय जनप्रतिनिधि अपना वोट बैंक मजबूत करने के लिए इस मामले में राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। 

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सांसद के साथ ये लोग भी रहे मौजूद

बदायूं। इस मौके पर पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, सहसवान से विधायक बृजेश यादव, पूर्व विधायक प्रेमपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह प्रदेश, सचिव शशिकांत विश्वकर्मा जिला महासचिव सुरेश पाल सिंह चौहान, हरिश्चंद्र मैथिल, उदयवीर शाक्य, सुनील यादव, राजपाल शर्मा सुरेंद्र यादव विधानसभा अध्यक्ष बिसौली, राजेंद्र, रचित गुप्ता, सुरेंद्र सागर, महेंद्र प्रताप, सुनीता पाल, ओमवीर सिंह यादव, ताहिर अंसारी, रजत यादव, खजाना देवी, राजीव यादव, मोर सिंह पाल, जितेंद्र यादव, सोमेश प्रताप, अमित मथुरिया, राकेश प्रजापति आदि उपस्थित रहे। 


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  • user by संजीव

    इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से

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  • user by Mala

    Good reporting

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  • user by सुधाकर सिंह नोएडा

    रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज

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