'धमकी देती है पत्नी, दहेज और घरेलू हिंसा में फंसवा दूंगी'...ऑडियो रिकॉर्ड करके युवक ने लगा ली फांसी
शादी के कुछ महीने पहले ही चली गई थी दिल्ली, पत्नी और साले फोन पर देते थे धमकी
आरोप-चाहते थे कि दो नंबर का काम करे, शहर के रजीचौक क्षेत्र का मामला
बदायूं। शहर के रजीचौक इलाके में एक युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उसे टॉर्चर करने का आरोप लगाते हुए फांसी लगा ली। मरने से पहले युवक ने एक ऑडियो भी रिकॉर्ड की, जिसमें उसने साफ कहा कि वह किसी से परेशान नहीं है बल्कि अपनी पत्नी और ससुराल वालों से परेशान है, जिसके कारण अब वह जीना नहीं चाहता। केवल इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि उसकी पत्नी उस पर दिल्ली रहने के लिए दबाव बना रही है। उसके साले भी धमकी देते हैं कि अगर वह उनकी बहन के साथ आकर दिल्ली नहीं रहा तो उसे और उसके परिवार को दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के केस में फंसा देंगे।

घटना सोमवार रात की है। रजी चौक कटरा ब्राह्मपुर मोहल्ले में सत्यनारायण का परिवार रहता है। उनका छोटा बेटा राहुल कार चलाता था। राहुल की शादी मई, 2023 में सहसवान के अकबराबाद मोहल्ले की रहने वाली दुर्गा दीक्षित से हुई थी। दुर्गा के पिता की मौत हो चुकी है और उसके दो भाई छोटू और राजू अपने बहनोई के पास दिल्ली में रहते हैं।

बताया जाता है कि शादी के दो-तीन महीने बाद ही दुर्गा दिल्ली चली गई थी और राहुल से भी कहने लगी कि दिल्ली आकर रहो। राहुल ने अपने परिवार के कारण दिल्ली जाने से मना कर दिया तो दुर्गा और उसके भाई राहुल पर दबाव बनाने लगे। राहुल के न मानने पर उन्होंने दिल्ली में उस पर शिकायत दर्ज करा दी। इससे राहुल मानसिक रूप से परेशान रहता था। सोमवार की रात राहुल ने अपने मोबाइल में एक ऑडियो रिकॉर्ड किया और उसके बाद फांसी लगा ली।
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ऑडियो में ये बात कही राहुल ने
''मैं सुसाइड कर रहा हूं। न मुझे घरवालों ने परेशान किया, न ही बाहरवालों ने और न ही मोहल्लेवालों ने परेशान किया। मैं मर रहा हूं, तो अपने ससुरालवालों की वजह से। उन्होंने मुझे धोखा दिया। मेरी शादी के बाद दो-तीन महीने बीवी मेरे साथ रही। अब वो धमकी देती है कि घरेलू हिंसा का मुकदमा लिखवाऊंगी। मैं बहुत परेशान हो गया हूं। मैं अनाथ नहीं, मेरे मां-बाप हैं मैं और मेरे घरवालों ने कभी कोर्ट कचहरी नहीं देखी। मैं अपने नंबर पर वाइस रिकॉर्डिंग छोड़कर जा रहा हूं। मेरे घरवाले फोन लेंगे, उसके बाद आप सब लोग देख लेना। मैं अपने ससुरालवालों से बहुत परेशान हूं। मेरी सास बंगाली है। जब मेरी शादी हुई, मेरे ससुर मर चुके थे। उनके दो लड़के हैं- छोटू और राजू। वो मुझे धमकी देते हैं कि मेरी बहन के साथ आकर दिल्ली में रहो। मेरी पत्नी भी मुझसे कहती है कि दिल्ली आकर रहो। मैं एक बार फांसी लगा चुका हूं, लेकिन मेरे घरवालों ने मुझे बचा लिया था। ये मेरा आखिरी फैसला है। मैं दिल्ली नहीं जाना चाहता। मैं अनाथ नहीं हूं, मेरे मां-बाप भाई-बहन सब मेरे साथ रहते हैं। मैं पांच लाख, छह लाख, सात लाख कहां से लाऊं? मुझे आए दिन प्रेशर दिया जाता है कि दिल्ली में रहो। मैं कहां से दिल्ली जाऊं और कहां से दिल्ली में रहूं? आज मैं सुसाइड कर रहा हूं।
वो चाहते हैं कि मैं दिल्ली में दो नंबर का काम करूं मेरी सास का नाम लक्ष्मी दीक्षित है। मेरी पत्नी दुर्गा के अलावा राजू, छोटू, ललिता और पूजा भी उनके बच्चे हैं। पूजा का आदमी नंबर दो का काम करता है। वो चाहता है कि दिल्ली में मैं भी दो नंबर का काम करूं। मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं। मेरे घरवालों को कोई ना दिक्कत हो। मेरी मां सबसे बड़ी है, उसे कोई दिक्कत नहीं होना चाहिए। मैं जा रहा हूं।''

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