डग्गामार की 'दबंगई'...पहले किया ओवरटेक, फिर साइड में कर दी अपनी बस, रोडवेज बस खंती में जा घुसी

डग्गामार की 'दबंगई'...पहले किया ओवरटेक, फिर साइड में कर दी अपनी बस, रोडवेज बस खंती में जा घुसी

यात्रियों में मची चीख पुकार, रोडवेज चालक की समझदारी से बस पूरी तरह पलटने से बची

बदायूं। लापरवाह डग्गामार बस चालक की दबंगई ने एक रोडवेज बस में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। दिल्ली जा रही बदायूं डिपो की रोडवेज बस के सवार सतेती चौराहे के पास मौत के मुंह में जाते-जाते बचे। तेज रफ्तार में ओवरटेक करते समय डग्गामार बस चालक ने अचानक साइड दबा दी। इसके बाद रोडवेज बस चालक ने भिड़ंत टालने के लिए बस को मोड़ा और बस सड़क किनारे खंती में जा घुसी। 

मामला सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे का है। बदायूं डिपो की रोडवेज बस सवारियां लेकर दिल्ली जा रही थी। बिल्सी रोड पर सतेती से पहले एक डग्गामार बस ने तेज रफ्तार में रोडवेज बस को ओवरटेक किया। पहले तो साइड मिली, लेकिन अगले ही पल डग्गामार चालक ने बस को बाईं साइट में दबा लिया। रोडवेज

बस चालक ने टक्कर से बचने की कोशिश की, मगर संतुलन बिगड़ते ही बस लगभग 50 डिग्री झुककर सड़क किनारे खंती में जा घुसी। 

बस के झुकते ही भीतर सवारियों में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं चक्कर खाकर गिर पड़ीं तो कुछ बेहोश हो गईं। दो महिलाओं को परिचालक सुबोध शर्मा और यात्री अरशद रसूल ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच गए, वरना नजारा और भयावह हो सकता था। हादसे के बाद डग्गामार बस का चालक बस समेत फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने बिल्सी थाने पर उसे दबोच लिया। पुलिस ने यात्रियों का हालचाल जाना और उनके बयान दर्ज किए। फिर बदायूं से पहुंची दूसरी बस से सबको उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

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लोगों की जान खतरे में, पर जिम्मेदारों को नहीं दिख रहे डग्गामार

बदायूं। जिले की सड़कों पर डग्गामार वाहन ऐसे दौड़ते हैं, मानो कानून इनके लिए बना ही न हो। हादसे होते हैं, चेकिंग शुरू होती है, लेकिन फिर सब पुराने ढर्रे पर लौट आता है। इनकी वजह से न सिर्फ हादसों का खतरा बढ़ता है बल्कि सरकार को करोड़ों के राजस्व का चूना भी लगता है। शहर की सीमाओं पर कैमरों से निगरानी संभव है, लेकिन जिम्मेदार कुछ नहीं करते। इसके एवज में हर सप्ताह या हर महीनें उनकी जेबें गर्म कर दी जाती हैं। 

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  • user by संजीव

    इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से

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  • user by Mala

    Good reporting

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  • user by सुधाकर सिंह नोएडा

    रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज

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