'बिना सर्जरी' हो रहा बबासीर और भगंदर का इलाज...बदायूं के इस अस्पताल पर छापा पड़ा तो मिला ऑपरेशन थियेटर
टीम को लेबर रूम भी मिला, संचालक का दावा- पिछले साल होते थे ऑपरेशन
कादरचौक के आरोग्यम अस्पताल का मामला, युवा मंच संगठन की शिकायत टीम ने की जांच
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बदायूं। बिना डिग्री के डॉक्टर और बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल चलने समेत कई अनियमितताओं की शिकायत होने पर डीएम के आदेश पर एक टीम ने कादरचौक में चल रहे एक अस्पताल पर छापा मारा। टीम को यहां लेबर रूम और ऑपरेशन थियेटर चलता मिला, जिस पर उन्हें सील कर दिया गया। हालांकि रजिस्ट्रेशन आदि की औपचारिकताएं सही पाई गईं।
युवा मंच संगठन के संस्थापक ध्रुवदेव गुप्ता ने बुधवार को डीएम को एक ज्ञापन दिया था, जिसमें कहा गया था कि कादरचौक में चल रहे आरोग्यम अस्पताल में बिना किसी डिग्रीधारी डॉक्टर के अवैध रूप से बवासीर, भगंदर जैसे रोगों की सर्जरी तथा महिला प्रसूति से संबंधित ऑपरेशन किए जा रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया था कि इस
अस्पताल को एक कथित डॉक्टर के नाम से चलाया जा रहा है, जबकि वह डॉक्टर आज तक अस्पताल में उपस्थित नहीं हुए। केवल कागजों में उनका नाम दर्शाकर अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, जो कि सीधे तौर पर धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़े की श्रेणी में आता है।
शिकायत के आधार पर डीएम ने अधीनस्थो को अस्पताल की जांच के निर्देश दिए थे। इस पर एसडीएम मोहित कुमार, डिप्टी सीएमओ राजवीर गंगवार, डीआई लव कुमार ने बृहस्पतिवार को अस्पताल में छापा मारा। जिस समय टीम वहां पर पहुंची, वहां

कोई डॉक्टर नहीं था लेकिन वहां ऑपरेशन थियेटर व लेबर रूम मौजूद था। जानकारी करने पर पता चला कि पिछले साल यहां सभी इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए संचालक द्वारा रजिस्ट्रेशन कराया गया था लेकिन कुछ समय चलने के बाद वह बंद कर दी गईं। इसके बाद टीम ने ओटी और लेबर रूम को सील कर दिया।
- कादरचौक में कराई गई अस्पताल की वॉलपेंटिंग-
इस संबंध में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि अस्पताल के रजिस्ट्रेशन को चेक किया गया जो सही था। संचालक द्वारा बताया किया कि ऑपरेशन थियेटर और लेबर रूम इसलिए बनाया गया था क्योंकि पिछले साल के रजिस्ट्रेशन में सारी सुविधाएं अस्पताल में की जानी थीं, लेकिन वह बंद कर दी गईं। इस पर ओटी व लेबर रूम को सील कर दिया गया है।
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संचालक बोले- अब नहीं होते ऑपरेशन
बदायूं। इस संबंध में अस्पताल संचालक डॉ. ब्रजभान सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने शिकायत की थी, लेकिन वह निराधार है। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी है। टीम यहां आई थी, जिस पर अस्पताल के रजिस्ट्रेशन के कागज टीम को दिखाए गए। पिछले साल यहां ऑपरेशन आदि की सुविधाएं शुरू की गई थीं लेकिन ऑपरेशन संबंधी काम न आने के कारण सर्जन को हटा दिया गया था। अब डिलीवरी केस भी नहीं मिलते, इसलिए अब ऐसा कोई काम यहां नहीं होता। जो वॉल पेंटिंग आदि कराई थीं, वह पिछले साल की हैं।

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