...तो क्या और लोग भी शामिल थे बंगाली डॉक्टर के बेटे की हत्या में, पूरी प्लानिंग से दिया गया था अंजाम

...तो क्या और लोग भी शामिल थे बंगाली डॉक्टर के बेटे की हत्या में, पूरी प्लानिंग से दिया गया था अंजाम

हत्या से लेकर लाश बांधने और तालाब में फेंकने में लगा होगा खासा टाइम, अगले दिन परिवार वाले आए तो घर मिला था साफ, किसने साफ किया खून

सबकी बात न्यूज

बदायूं। बिसौली तहसील के फैजगंज बेहटा कस्बे में बंगाली डॉक्टर के बेटे की हत्या दो लोगों ने की, इसका खुलासा भले ही पुलिस ने कर दिया हो, लेकिन कई लोगों के यह बात गले नहीं उतर रही। इसके पीछे उनके तर्क भी हैं जो कहीं न कहीं पुलिस के खुलासे पर सवाल उठा रहे हैं। बताया जाता है कि शुक्रवार को पुलिस ने मृतक के बड़े भाई से भी पूछताछ की। 


पिछले दिनों बिसौली तहसील के फैजगंज बेहटा कस्बे में बंगाली डॉक्टर आरपी विश्वास के बेटे प्रतीश उर्फ पिंटू विश्वास का शव तालाब से बरामद हुआ था। उसकी हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने क्लीनिक में काम कर चुके दो कंपाउडर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रतीश विश्वास भी डॉक्टरी की प्रैक्टिस करता था। उसका बड़ा भाई प्रिंस उसी मकान में रहता है जबकि छोटा भाई दिल्ली में रहकर काम करता है। सोमवार को उसकी लाश घर के पीछे स्थित तालाब से बरामद हुई थी। लाश को जब निकाला गया तो उसके हाथ-पैर बंधे थे साथ ही उसमें ईंटे भी बंधी हुई थीं। 

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इतनी सफाई से दिया वारदात को अंजाम, किसी को भनक तक नहीं

बदायूं। पुलिस ने इस मामले में बंगाली डॉक्टर की दुकान में काम करने वाले दो कंपाउडर्स को गिरफ्तार किया। अब तक के हालातों पर गौर करें तो आरोपितों का कोई विशेष आपराधिक इतिहास नहीं है लेकिन उन्होंने जिस तरह से घटना को अंजाम दिया, उसे पूरी प्लानिंग के तहत ही किया जा सकता है। ऐसे में कुछ सवाल अब भी लोगों को जेहन में कौंध रहे हैं। दरअसल, कैंची मारकर और जाइलोकेन का इंजेक्शन देकर हत्या करना केवल दो लोगों द्वारा किया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। जाहिर सी बात है कि पिंटू ने बचने के लिए संघर्ष भी किया होगा, लेकिन यहां एक बात ये भी निकलकर आ रही है कि पिंटू शराब पीने का आदी था तो कहीं हत्यारों के साथ बैठकर उसने पहले क्या शराब पी थी। तो क्या उसे पहले उसे इतनी शराब पिलाई गई कि वह लगभग बेहोश हो गया या फिर हत्यारे दो से ज्यादा थे? 

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किसने साफ किया हत्या के बाद बिखरा खून

बदायूं। दूसरा सवाल है कि वारदात के समय पिंटू के परिवार वाले घर पर नहीं थे लेकिन उन्हें लाश का पता अगले दिन चला। ऐसे में हत्या के बाद बिखरा खून कहां गया। यहां सवाल ये है कि हत्या के बाद हत्यारों ने खून की सफाई की या फिर कोई परिवार का ही व्यक्ति शामिल था और उसने ही घर को इतना साफ कर दिया कि कोई सबूत नहीं रहे। हत्या करके लाश को बांधने और तालाब में फेंकने में खासा समय भी लगा होगा। इसका मतलब हत्यारे पूरी तरह मुतमईन थे कि उन्हें कोई रोकने टोकने या देखने वाला नहीं होगा। 

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लाश की बरामदगी वाले दिन हत्यारोपी का परिजन देखा गया था तालाब के पास

बदायूं। जिस दिन पिंटू की लाश बरामद हुई, सूत्रों के अनुसार, उसी दिन एक आरोपित का एक परिवार वाला भी तालाब के पास सुबह को टहलता देखा गया था जबकि आम दिनों में ऐसा नहीं होता। उसे टहलते हुए कुछ लोगों ने देखा था। माना जा रहा है कि वह यह देखने आया था कि लाश कहीं पानी के ऊपर उतरा तो नहीं रही है। ऐसे में पुलिस को यह एंगल भी देखना चाहिए। बताया जाता है कि यहां सीसीटीवी भी लगा है। 

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जहां कैंची छिपाई, वहां टावर पर काम करते वाला युवक भी लापता

बदायूं। आरोपितों ने जहां हत्या में प्रयुक्त कैंची छिपाई वह जगह टावर के नजदीक है। इस टावर पर भी एक युवक काम करता है। बताया जाता है कि हत्या वाले दिन से वह युवक भी लापता है। इसके अलावा एक और युवक को उसके घर वालों ने हटा दिया है। ऐसे में उन पर भी लोग शक जता रहे हैं। 

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(खबर सूत्रों से हुई बातचीत के आधार पर। )

मुख्य फोटो- फाइल



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  • user by संजीव

    इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से

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  • user by Mala

    Good reporting

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  • user by सुधाकर सिंह नोएडा

    रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज

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