सावधान! इस पड़ोसी जिले में दस्तक दे चुका है बर्ड फ्लू, चिकन की बिक्री बंद...बदायूं में भी टीमें हुईं एक्टिव
रामपुर में प्रशासन द्वारा तीन सप्ताह तक के लिए चिकन और अंडों की बिक्री कराई जा चुकी है बंद
बदायूं। पड़ोसी जिले रामपुर में कुक्कुट पक्षियों में एच-5 एन-1 एवियन इन्फ्लूइंजा वायरस के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में वहां का प्रशासन चिकन और अंडे की बिक्री को 21 दिन के लिए प्रतिबंधित कर चुका है। बदायूं में भी इस ओर सावधानी बरती जा रही है। इसके लिए जनपद की समस्त रेपिड रेस्पॉन्स टीमों को एक्टिव करा दिया गया है।
सीवीओ डॉ. समदर्शी सरोज ने बताया कि जनपद रामपुर में एच-5 एन-1 एवियन इन्फ्लूइंजा वायरस के पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में सावधानी बरतते हुए बदायूं में भी पशु चिकित्सालय सदर को कन्ट्रोल रूम बनाया गया है, जिसके प्रभारी डिप्टी सीवीओ डॉ. अनेक सिंह हैं और उनका मोबाइल नम्बर 7055543491 है। इसके अलावा उप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, (चिकित्सा स्वास्थ्य) डॉ. धर्मेन्द्र कुमार को जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनका मोबाइल नंबर 9473914277 है।
उन्होंने बताया कि जनपद में अब तक 785 सैंपल टेस्टिंग कि लिए आईवीआरआई बरेली भेजे जा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई भी सैंपल पॉजिटिव नहीं आया है। जनपद में बर्ड फ्लू नहीं है लेकिन यदि जनपद में यदि कहीं कई पक्षियों व मुर्गी की मृत्यु एक साथ होती है तो तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना दें।
------
क्या करें मुर्गी पालक
बदायूं। सीवीओ ने बताया कि अच्छी तरह से पकाये गये चिकन या अंडा आदि से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है। कुक्कुट पक्षियों के पालने के स्थान/फार्म के आसपास जैव सुरक्षा, साफ-सफाई, डिसइन्फेक्शन करें। पक्षियों को हैन्डिल करने के पश्चात एन्टीसैफ्टिक लोशन से हाथ को अच्छी तरह धोयें। बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी के सम्पर्क के आने पर चिकित्सक की सलाह पर दवा खायें। बीमार पक्षियों को हमेशा स्वस्थ्य पक्षियों से अलग रखें।
------
क्या न करें मुर्गी पालक
बदायूं। सीवीओ ने बताया कि मृत पक्षी को न छुएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। जिन क्षेत्रों में बर्ड फ्लू की सूचना प्राप्त हो उसके आसपास भ्रमण न करें, कुक्कुट या अन्य पक्षियों को खुले वाहनों में परिवहन न करें। कुक्कुट फार्म पास-पास न खोलें। इनमें कम से कम 500 मीटर का फासला रखें। बाहरी व्यक्तियों को फार्म पर न आने दें तथा संक्रमित पक्षियों के सीधे सम्पर्क में आने से बचें। उनको हाथों से दाना आदि न खिलाएं।
SAB KI BAAT
