मां-बाप और बहन की हत्या करके बेटा खुद बना 'शिकार'...जिसके साथ हत्याएं की, उसी ने मार डाला

मां-बाप और बहन की हत्या करके बेटा खुद बना 'शिकार'...जिसके साथ हत्याएं की, उसी ने मार डाला

प्रयागराज में एक परिवार के चार लोगों की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा

बेटे ने दोस्त के साथ पहले मां-बाप और बहन को मारा, फिर माल के बंटवारे को लेकर दोस्त ने कर दी हत्या

सबकी बात न्यूज

प्रयागराज। प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या करने वाला परिवार का बेटा ही निकला। पहले उसने अपने दोस्त के साथ अपने मां-बाप और बहन की हत्या की लेकिन माल के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े के बाद दोस्त ने ही उसे मार डाला। यानी मां-बाप और बहन का हत्यारा उन्हें मारने के बाद खुद ही शिकार हो गया। 

प्रयागराज शहर को बीचोबीच स्थित साउथ मलाका इलाके में हीवेट रोड चौराहा पर करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, अपनी 65 वर्षीय पत्नी अनीता, 45 वर्षीय बेटी मीनाक्षी और 40 वर्षीय बेटे अभिषेक के साथ रहते थे। मंगलवार को घर के अंदर से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जाकर देखा तो वीरेंद्र, अनीता और मीनाक्षी के शव घर के अंदर अलग-अलग कमरों में मिले। घर में बाहर से ताला बंद था, जबकि बेटे अभिषेक का कुछ पता नहीं चल पाया था। ऐसे में तीनों की हत्या का शक अभिषेक पर गया लेकिन दो घंटे बाद ही अभिषेक का शव मकान के नीचे की दुकान में मिला। दुकान का ताला भी बाहर से बंद था। 

---------

पुलिस ने की जांच तो चौंकाने वाला मामला आया सामने

प्रयागराज। पुलिस ने गहनता से इस मामले की तफ्तीश की तो आरोपित सनी गुप्ता को हिरासत में लिया तो उसने जो बात बताई वह बेहद चौंकाने वाली थी। पुलिस के अनुसार, सनी ने बताया कि कारोबारी समेत उनकी पत्नी और बेटी की हत्या खुद अभिषेक ने की थी। हत्या की वारदात में सनी भी अभिषेक के साथ था। हत्या के बाद दोनों ने घर से डेढ़ करोड़ रुपये के गहने लूटे लेकिन फिर गहनों के बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में झगड़ा हो गया। इसके बाद सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने दुकान में बाहर से ताला लगाया और गहने लेकर भाग गया।

--------

हत्या के बाद लिखा-“बंटी, बबली और बहू ने मारा।”

प्रयागराज। हत्या के बाद पुलिस ने जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां एक गत्ता मिला, जिस पर लिखा था “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक ने

        --इसी गत्ते पर लिखा मिला- "बंटी बबली और बहू ने मारा"--

पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा लिखा था। जिससे पुलिस का शक जेल से बाहर आई छोटे भाई की पत्नी पर जाए। 

---------

छोटे बेटे को जायदाद से कर दिया था बेदखल

प्रयागराज। कारोबारी वीरेंद्र के दो बेटे थे। छोटे बेटे का नाम अश्वनी है। अश्वनी ने कीडगंज की रहने वाली रितु से लव मैरिज की थी। बताया जाता है कि दोनों मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को फंसाते और ठगी करते थे। अश्विनी ने हैदराबाद के जज का बेटा बनकर एक युवती को जाल में फंसाया था और उससे नौ लाख रुपए ठगे थे। इस मामले में 2023 में दोनों जेल गए थे। 2024 में रितु को जमानत मिल गई थी, तब से वह बाहर है, जबकि अश्विनी कौशांबी जेल में बंद है। पड़ोसियों के मुताबिक, अश्वनी की हरकतों के कारण वीरेंद्र ने उसे अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया था। इसी कारण लोग उन्हें बंटी और बबली कहने लगे थे। 

--------

हत्यारोपित बोला- "जो मां-बाप का नहीं हुआ, वो मेरा क्या होगा"

प्रयागराज। पुलिस ने जब सनी को पकड़ा तो उसने सारे राज उगल दिए। उसने पुलिस से कहा कि अभिषेक ने ही उसे अपने मां-बाप और बहन का कत्ल करने के लिए उकसाया था। इसके बाद दोनों ने सबका कत्ल कर दिया। वारदात के बाद दोनों जेवर लेकर नीचे आए। अभिषेक ने उससे कहा था कि वह उसे भी हिस्सा देगा लेकिन

                                          --हत्यारोपित सनी गुप्ता--

बाद में वह मुकर गया। सनी ने बताया, इसी कारण उसने अभिषेक को भी मार डाला। उसने यह भी कहा कि जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वह मेरा क्या होगा। 

---------

ऐसा था वीरेंद्र का परिवार और कारोबार

प्रयागराज। बताया जाता है कि वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट सामान का कारोबार था। उनका हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है। मकान करीब आठ हजार वर्गफीट में बना है, जिसकी कीमत 12 से 15 करोड़ रुपये बताई जा रही है। निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से 13 किराये पर चलती हैं। ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र परिवार के साथ रहते थे। एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी। वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी। उसी दुकान पर वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे। अभिषेक और मीनाक्षी की शादी नहीं हुई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि अभिषेक की भी पिता से नहीं पटती थी। अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर झगड़ा होता रहता था। 

-------

जिसका बिजनेस, उसी से हत्या के सबूत मिटाए

प्रयागराज। पुलिस के अनुसार, अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का व्यापार करता था। जब उसने और सनी ने सिर कूंचकर तीनों का कत्ल कर दिया तो मौके पर काफी खून फैल गया था। इसके बाद उन्होंने फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन से ही खून के दाग मिटाने की कोशिश की। 

-----------

31 मई को ही कर दी थी हत्या, जानें...कैसे हुई पूरी वारदात

प्रयागराज। पुलिस के अनुसार, 31 मई को दोपहर करीब तीन बजे अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता को बुलाया। सनी साथ में रॉड भी लेकर आया था। दोनों अभिषेक की दुकान में गए और वही पूरा प्लान बनाया। शाम पांच बजे मीनाक्षी दुकान खोलने पहुंची तो दोनों ने उस पर रॉड से पीछे से हमला कर दिया। फिर सीढ़ियों से उसे खींचते हुए ऊपर ले गए। ऊपर वाले कमरे की सीढ़ियों के पास लाश छोड़कर दिया।इसके बाद पिता और मां की हत्या की। तीनों की हत्या के बाद दोनों ने आलमारी से गहने निकाल लिए और उसी दुकान में वापस आ गए। यहां दोनों में माल के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो गया। इसके बाद सनी ने उसी रॉड से अभिषेक पर हमला कर उसे मार डाला। सनी पूरी रात घर पर ही रहा। रात भर वह खून साफ करता रहा और फिर नहाने के बाद एक जून की सुबह करीब पांच बजे वहां से निकल गया। सनी की चाय की दुकान है। लूटे गए जेवर उसने पीछे से अपनी दुकान पर फेंक दिए जो बाद में उसकी दुकान के छज्जे से बरामद हुए। 

Leave a Reply

Cancel Reply

Your email address will not be published.

Follow US

VOTE FOR CHAMPION

Top Categories

Recent Comment

  • user by SAB KI BAAT

    Good

    quoto
  • user by Anonymous

    भाजपा जनता को पागल समझ रही है। अगले चुनाव में मिलेगा इसका खामियाजा

    quoto
  • user by Anirudh sharma

    Ye bjp ke neta hi hogi ji ki lutiya dubayenge

    quoto