पूर्व मंत्री आबिद रजा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया

पूर्व मंत्री आबिद रजा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया

पूर्व मंत्री बोले— युवाओं की आवाज दबाने वाली सरकार को आखिर झुकना ही पड़ा

कहा— छात्रों के आंदोलन, विपक्ष के दबाव और जनभावनाओं की जीत, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी

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बदायूं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व मंत्री आबिद रजा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशभर के छात्रों, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों के संघर्ष, आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया।

आबिद रजा ने कहा कि पिछले कई महीनों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक, छात्रों की समस्याओं और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही खामियों को लेकर देशभर में व्यापक असंतोष था। छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी आवाज को लंबे समय तक अनसुना किया गया। अंततः जनदबाव और विपक्ष की मुखर भूमिका के कारण सरकार को झुकना पड़ा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी शुरू से ही छात्रों और युवाओं के हितों की लड़ाई लड़ती रही है। पार्टी ने संसद से लेकर सड़क तक शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने तथा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। आज का घटनाक्रम इस बात का प्रमाण है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे बड़ी होती है और सरकार को अंततः जनता की भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है।

पूर्व मंत्री ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं की उम्मीदें शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी हैं। यदि परीक्षाओं में पारदर्शिता नहीं होगी, पेपर लीक जैसी घटनाएं होती रहेंगी और छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा तो उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इसलिए केवल इस्तीफा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा संचालन की मजबूत व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

आबिद रजा ने कहा कि केंद्र सरकार को अब यह समझना होगा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और सपनों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि भविष्य में भी छात्रों के हितों की अनदेखी की गई तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से उनके साथ खड़ी होकर संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास बनाए रखें और शिक्षा के अधिकार तथा अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए जागरूक रहें। साथ ही सरकार से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक विवादों से ऊपर उठाकर उसे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए, ताकि देश का युवा वर्ग बिना किसी भय और संदेह के अपने भविष्य का निर्माण कर सके।

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  • user by SAB KI BAAT

    Good

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  • user by Anonymous

    भाजपा जनता को पागल समझ रही है। अगले चुनाव में मिलेगा इसका खामियाजा

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  • user by Anirudh sharma

    Ye bjp ke neta hi hogi ji ki lutiya dubayenge

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