वाटर वुमन शिप्रा के कार्यों की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर, जापान में आयोजित सेमिनार में रखेंगी अपने विचार

वाटर वुमन शिप्रा के कार्यों की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर, जापान में आयोजित सेमिनार में रखेंगी अपने विचार

70 देशों के शोधकर्ताओं के बीच जापान के अंतर्राष्टीय मंच पर 26 को होगा शिप्रा का उद्बोधन 

भारत मे 13000 किमी की पद यात्रा कर जल नदी एवं महिला सशक्तिकरण के लिए पिछले दिनों लंदन की संसद में भी रखे थे विचार

सबकी बात न्यूज

बदायूं। भारत में अपनी पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से अलग पहचान बनाकर वाटर वूमेन के नाम से ख्याति पाने वाली शिप्रा पाठक जापान के टोक्यो शहर में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन IAFOR – एशियन कॉन्फ्रेंस ऑन एजुकेशन एंड इंटरनेशनल डेवलपमेंट में प्रतिभाग करेंगी। सात दिन चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लगभग 70 देशों के शिक्षाविद, शोधकर्ता, नीति निर्माता शामिल होंगे। 

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में लिंगनान यूनिवर्सिटी आफ इंडोनेशिया, यूनिवर्सिटी ऑफ यूटा एशिया कैंपस समेत अमेरिका और यूरोप समेत पूरे विश्व के अग्रणी संस्थान शामिल होंगे। 

इससे पहले भी भारत में 13000 किमी पदयात्रा कर जल, नदी एवं महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करने वाली वाटर वूमेन शिप्रा के लिए पिछले दिनों लंदन की संसद में भी अपने विचार रखने का अवसर मिला था। 26 मार्च को टोक्यो में इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वाटर वूमेन शिप्रा भारतीय महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए “शिक्षा का सामाजिक न्याय और विकास में योगदान” जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगी।

अब उनकी संस्था पंचतत्व का कार्य जल संरक्षण के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र तक पहुँच चुका है, और वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह साबित करता है कि जब भारत की महिलाएं वैश्विक मंच पर अपने विचार रखती हैं, तो देश की पहचान और भी मजबूत होती है।



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  • user by Anonymous

    Highway per I riksha Ban hona chahie inhone bahut udham macha Rakha Hai

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  • user by अनिरुद्ध यादव

    बहुत दुखद लेकिन इसका प्रशासन भी जिम्मेदार है।

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  • user by Shoeb

    Nautanki mla

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