एचपी इंटरनेशनल स्कूल में जूनियर स्टूडेंट काउंसिल चुनाव, नन्हे विद्यार्थियों ने सीखी लोकतंत्र की पहली पाठशाला
पीटीएम के साथ हुआ आयोजन, छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग
सबकी बात न्यूज
बदायूं। एचपी इंटरनेशनल स्कूल में अभिभावक-अध्यापक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान अभिभावकों ने अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा परिणाम, विषयवार अंकों तथा कक्षा में उनके प्रदर्शन की जानकारी प्राप्त की। शिक्षकों ने अभिभावकों के साथ विद्यार्थियों की उपलब्धियों और सुधार के क्षेत्रों पर चर्चा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक एवं विशेष हिस्सा कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित जूनियर स्टूडेंट काउंसिल चुनाव रहा। नन्हे विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बेहद उत्साह के साथ समझा और उसमें भाग लिया। हेड ब्वॉय एवं हेड गर्ल के चयन के लिए विद्यार्थियों ने मतदान किया, जिससे उन्हें मतदान, नेतृत्व, जिम्मेदारी, प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। विद्यालय परिसर में चुनाव प्रक्रिया को इस तरह आयोजित किया गया कि बच्चे केवल किताबों में लोकतंत्र पढ़ने के बजाय उसे अपने विद्यालय में प्रत्यक्ष रूप से
महसूस कर सकें। इस दौरान विद्यार्थियों में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील साहनी ने पीटीएम और छात्र परिषद चुनाव को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ-साथ नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना और जिम्मेदारी का महत्व भी समझें। जूनियर स्टूडेंट काउंसिल का यह चुनाव बच्चों को लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस पूरे आयोजन को और अधिक सफल बनाया है।
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बच्चों को जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाना है उद्देश्यः शिवम पटेल
बदायूं। विद्यालय के प्रबंध निदेशक शिवम पटेल ने कहा कि हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य का जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और संवेदनशील नागरिक बनाना है। जूनियर स्टूडेंट काउंसिल जैसी गतिविधियां बच्चों के भीतर नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने का आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक सोच विकसित करती है।
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व्यवहारिक गतिविधियां भी बेहद जरूरीः सेजल पटेल
बदायूं। स्कूल की निदेशिका सेजल पटेल ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने के लिए कक्षा-कक्ष की शिक्षा के साथ ऐसी व्यावहारिक गतिविधियां भी बेहद जरूरी हैं। आज जिस आत्मविश्वास के साथ हमारे नन्हे विद्यार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लिया, वह उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
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