80's के पुराने दौर में जा रहे हैं तो जानकारी नई रखिये...विदेश में 213 करोड़ का डीपफेक घोटाला करा चुकी है एआई

80's के पुराने दौर में जा रहे हैं तो जानकारी नई रखिये...विदेश में 213 करोड़ का डीपफेक घोटाला करा चुकी है एआई

वायरल 80's ट्रेंड के पीछे छुपा हो सकता है साइबर खतरा, पर्सनल जानकारी साझा करने से बचें

एआई एकत्र कर रहा आपका डाटा, फोटो में भी छिपी हो सकती है आपकी निजी जानकारी

जनप्रतिनिधि भी नहीं रहे अछूते, प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाबदेवी, बदायूं की पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य समेत बदायूं की पूर्व पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल की भी मौजूद हैं फोटो

साइबर एक्सपर्ट एजे खान ने किया आगाह, बताये खतरे और दी सावधान रहने की सलाह

सबकी बात न्यूज। इस समय सोशल मीडिया पर 80's के लुक वाला फोटो बनाने का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे देखो, अपने 80 के दशक के फोटो बनाकर अपलोड कर रहा है। बड़े नेता तक इससे अछूते नहीं हैं। प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बदायूं की पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल समेत तमाम नेताओं की इस प्रकार की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की गई हैं। हालांकि ये फोटो इन लोगों ने खुद जेनरेट की हैं या समर्थकों ने डाल हैे अथवा फेक आर्डडी से डाली गई हैं, इसकी पुष्टि 'सबकी बात न्यूज' नहीं करता है। 

वैसे तो सोशल मीडिया का प्रयोग सामान्य है लेकिन जानकारी न होना या अपडेट न होना  कई बार खतरे में भी डाल सकता है। इसका सबसे बड़ा खतरा तब शुरू होता है जब एक फोटो कई जानकारी में बदल जाती है। दरअसल, बेहतर रिजल्ट के लिए लोग फोटो के साथ अपनी पर्सनल जानकारी देने लगते हैं जैसे- वह यह काम करते हैं, यह मेरा फैमिली फोटो है आदि-आदि। साइबर सिक्योरिटी की भाषा में इसे Data Aggregation (डेटा संग्रह) कहा जाता है। कई लोग सोचते हैं कि कि वे तो केवल फोटो अपलोड कर रहे हैं, लेकिन फोटो में metadata EXIF information मौजूद हो सकती है। मसलन, कैमरे की डिवाइस की जानकारी, डेट और टाइम, जीपीएस लोकेशन की जानकारी, सॉफ्टवेयरएडिटिंग संबंधी जानकारी आदि। इसके अलावा फोटो के बैकग्राउंड में दिखाई देने वाली चीजें जैसे घर का नंबर, दुकान का बोर्ड, स्कूल, ऑफिस, सड़क, गाड़ी की नंबर प्लेट या कोई जानकारी देने वाली चीज भी हो सकती है। जब कोई एआई ट्रेंड वायरल होता है तो साइबर अटैकर्स भी यह जानते हैं कि लाखों लोग उसी फीचर की तलाशकरेंगे। इसके बाद फेक वेबसाइट और एप सामने आते हैं। लोग आमतौर पर सिर्फ एक फोटो से शुरुआत करते हैं लेकिन बेहतर रिजल्ट पाने की कोशिश में वे धीरे-धीरे अपनी उम्र, अपना काम, अपनी लोकेशन, परिवार और अन्य निजी जानकारी भी साझा करने लगते हैं। 

----------

ऐसे समझिये इसको-

साइबर थ्रेट एनालिस्ट/साइबर एक्सपर्ट एजे खान कहते हैं कि मान लीजिए इंस्टाग्राम पर आपने 80's ट्रेंड देखा और फिर गूगल पर सर्च किया- 'फ्री 80 फोटो जेनरेटर' और इसके बाद आप पहली वेबसाइट पर चले गए। अब वह असली एआई सर्विस की जगह अटैकर्स की वेबसाइट भी हो सकती है। इसके बाद इसमें आपने अपना फोटो अपलोड कर दिया तो अटैसर्स को वही चीज मिल गई जो वह चाहता था यानी आपकी हाई क्वालिटी फेस इमेज। साइबर एक्सपर्ट एजे खान के अनुसार, कई एआई ऐप्स आपकी फोटो को डिलीट करने के बाद भी अपने सर्वर पर 30 दिनों तक सुरक्षित रखते हैं ताकि वे अपने एआई सिस्टम को और बेहतर बना सकें। इस बीच अगर सर्वर का डाटा लीक होता है तो आपकी फेशियल आइडेंटिफिकेशन इंटरनेट पर तैरने लगेगी। ऐसे में यदि एक बार चेहरे का डेटा गलत हाथों में चला जाए तो उसका इस्तेमाल भविष्य में डीपफेक बनाने, पहचान चुराने या ब्लैकमेल और एक्सटॉर्शन के लिए दोबारा किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जहां  एकआई जनरेटेड या मॉर्फ्ड तस्वीरों के ज़रिए लोगों को ब्लैकमेल करने की कोशिश हुई है। 

-------

अब जानिये कैसे हुई 213 करोड़ की ठगी

कॉर्पाेरेट जगत में डीपफेक का सबसे चौंकाने वाला मामला ब्रिटेन की इंजीनियरिंग और डिजाइन कंपनी Arup के साथ हुआ था। कंपनी के एक कर्मचारी को एक वीडियो कॉल में शामिल होने के लिए कहा गया जब उसने कॉल जॉइन की तो उसे वहां कंपनी के सीएफओ और अन्य सहकर्मी दिखाई दिए लेकिन असल में उस वीडियो कॉल पर पीड़ित कर्मचारी को छोड़कर बाकी सभी लोग एआई द्वारा बनाए गए नकली क्लोन (डीपफेकर्स) थे। अपने असली बॉस की शक्ल और आवाज देखकर कर्मचारी को कोई शक नहीं हुआ उसने अधिकारियों के कहने पर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए स्कैमर्स को 25.6 मिलियन डॉलर यानी लगभग 213 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए थे बाद में उसे ठगी का अहसास हुआ।

------

साइबर एक्सपर्ट एजे खान के अनुसार, ये रखें सावधानी- 

- अनजाने एआई फोटो जेनरेटर/वेबसाइट/ एप्स से बचें

- सिर्फ भरोसेमंद ऐप वेबसाइट जैसे चैट जीपीटी/ जेमिनाई के ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट इस्तेमाल करे न कि गूगल पर सबसे ऊपर दिखी किसी अनजान वेबसाइट पर। 

- बैकग्राउंड में पता, गाड़ी नंबर, ऑफिस आईडी, स्कूल या किसी संवेदनशील जानकारी न दिख रही हो। 

- किसी भी वायरल ट्रेंड के लिए अनजानी एपीके इंस्टाल न करें। 

- कोई भी ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसकी परमिशन ज़रूर चेक करें। अगर एक फोटो एडिटर कॉल लॉग या कॉन्टेक्ट या एसएमएस परमीशन मांग रहा हो तो यह खतरे की घंटी हो सकता है। 

- अगर आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल हो या कोई ब्लैकमेल करने की कोशिश करे या किसी संदिग्ध ऐप के इंस्टॉल होने के बाद अकाउंट से पैसे कटने लगें तो घबराने की बजाय तुरंत सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट सेव करें किसी भी परिस्थिति में रकम न दें। इसके बाद तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या  पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। 

-------------

सांइबर क्राइम से संबंधित ऐसी ही अन्य खबरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें-

- साइबर ठगी पीड़ितों को बड़ी राहत...अब बिना कोर्ट के आदेश के वापस मिलेगी 50 हजार से कम की रकम

https://sabkibaat.in/post/big-relief-to-cyber-fraud-victims---now-you-will-get-back-the-amount-of-less-than-rs-50-thousand-without-court-order

- न्यू ईयर 'हैप्पी' रखना है तो फोन पर आई फाइल संभलकर खोलना...कहीं पैसे और डाटा न उड़ा ले जाएं साइबर ठग

https://sabkibaat.in/post/if-you-want-to-keep-the-new-year--happy--then-open-the-file-on-your-phone-carefully----lest-cyber-thugs-take-away-your-money-and-data-

- किसी परिचित की शादी है, पर फोन पर आए कार्ड को संभलकर खोलना...खाते का बैलेंस हो सकता है जीरो

https://sabkibaat.in/post/an-acquaintance-is-getting-married-but-be-careful-opening-the-card-that-comes-on-your-phone---the-account-balance-could-be-zero-

- यदि आपके वाहन का भी हुआ है चालान तो इस एप से रहें सावधान...ये फ्रॉड है, हो जाएंगे शिकार

https://sabkibaat.in/post/if-your-vehicle-has-been-challaned-then-be-careful-with-this-app---it-is-a-fraud-you-will-become-a-victim-

- वेबसाइट एनआईसी बदायूं की...शिक्षा पेज पर दिख रहा था मलेशिया के कैसिनो का पन्ना

https://sabkibaat.in/post/the-page-of-malaysia-s-casino-was-visible-on-the-education-page-of-the-website-nic-badaun






Leave a Reply

Cancel Reply

Your email address will not be published.

Follow US

VOTE FOR CHAMPION

Top Categories

Recent Comment

  • user by Anonymous

    गुड

    quoto
  • user by AJ KHAN ~ CYBER CRIME UNIT

    अत्यंत दुखद

    quoto
  • user by SAB KI BAAT

    सबसे पहले, सबकी बात

    quoto