सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन, नारी चेतना और सामाजिक मूल्यों पर हुआ विमर्श

सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन, नारी चेतना और सामाजिक मूल्यों पर हुआ विमर्श

बदायूं। विद्या भारती द्वारा आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर परिसर उसहैत में किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें नारी शक्ति, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों पर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुजरिया की थाना प्रभारी ज्योति सिंह रहीं। उन्होंने महिलाओं को अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उनके संरक्षण हेतु शासन एवं प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध टोल फ्री नंबरों, कानूनी सहायता और पुलिस सहयोग तंत्र को विस्तार से समझाया तथा निर्भीक होकर सहायता लेने का संदेश दिया।


मुख्य वक्ता राजकीय महाविद्यालय सहसवान की प्रवक्ता डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी ने कहा कि आज समाज को अपनी जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखे तथा संयुक्त परिवार, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना को भारतीय समाज की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब उसके साथ संस्कृति, संस्कार और मूल्यबोध का ज्ञान भी दिया जाए। केवल भौतिक प्रगति से समाज संतुलित नहीं हो सकता।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एडवोकेट वैशाली गुप्ता ने सप्तशक्ति का अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि साहस, करुणा, बुद्धि, धैर्य, त्याग, नेतृत्व और संकल्प, ये सात शक्तियाँ नारी के भीतर निहित हैं, और इन्हीं के जागरण से अंधविश्वास व अन्याय के विरुद्ध संघर्ष संभव है। उन्होंने शिक्षा, तर्कशील सोच और कानून की जानकारी को ऐसे अपराधों की रोकथाम का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास से जुड़े अपराध समाज के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। अंधविश्वास न केवल महिलाओं के शोषण का माध्यम है, बल्कि यह भारत के सामाजिक, वैज्ञानिक और बौद्धिक विकास में भी बड़ा अवरोधक है।

विशिष्ट अतिथि बीके गुंजन सिंह ने आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से महिलाओं को आत्मबल से जुड़ने का आह्वान किया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम के योग एवं राजयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए नैतिक जीवन जीने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उसहैत की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सैनरा वैश्य ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में मातृशक्ति को समाज निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि नारी शक्ति के बिना राष्ट्र की प्रगति की कल्पना संभव नहीं है।

इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के व्यवस्थापक अटल कुमार भारद्वाज, अध्यक्ष सतीश चंद्र गुप्ता, प्रधानाचार्य होम सिंह यादव, जिला प्रचारक, पुलिस काउंसलर ज्वाला प्रसाद गुप्ता, जगदीश शीला स्मारक शिक्षा समिति की प्रबंधिका अंजू गुप्ता, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अरविंद गुप्ता सहित अन्य विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नारी सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने बेहद सराहा। 


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