बदायूं। मोहल्ला जोगीपुरा में शक्ति टेंट हाउस के निकट स्थित गुरुद्वारा हॉल में सत्संग के प्रथम दिन फुलसंदे वाले बाबा ने कहा कि जो पारब्रह्म परमेश्वर को जान लेते हैं वे अजर-अमर हो जाते हैं।

एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा सेवा समिति के आयोजन में मंगलवार को उन्होंने कहा कि मानव जीवन में सभी यातनाओ से मुक्ति पाने का साधन परमात्मा के अलावा कोई दूसरा नहीं है। ऋग्वेद में परमात्मा को संपूर्ण ब्रह्मांड का नायक बताया गया है। जो परमात्मा को जानने की इच्छा रखते हैं उन्हें ही सही अर्थों में ऋषि कहा जाता है, चाहे वे धरती पर रहें या देवलोक में रहकर विचरण करें।
उन्होंने एक प्रसंग के माध्यम से स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस प्रकार बादल धरती के ताप को हर लेते हैं, ठीक उसी प्रकार परमात्मा की कृपा रूपी वर्षा जब भक्तों पर होती है तो उनकी सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं।
देर तक चले प्रवचन में बाबा ने बताया कि मानव भोग-वासनाओं के चक्कर में इधर-उधर भटकता रहता है और माया-मोह में फंसा रहता है। प्रवचन के दौरान उन्होंने अशोक खुराना द्वारा रचित शिक्षाप्रद दोहावली से गुरु भक्ति के दोहे बोलकर सभी को गुरु परंपरा के विषय में अवगत कराया। प्रवचन स्थल पर पहुंचने से पूर्व बाबा फुलसंदे वालो का संजीव भारद्वाज के प्रतिष्ठान पर भव्य स्वागत किया गया तथा जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा की ।
सत्संग स्थल पर विजय मेहंदीरत्ता, डीके चड्ढा, डॉ रामबहादुर व्यथित, गिरधारी सिंह राठौर, गुलाब सिंह राठौर, प्रमोद शंखधार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अमृत गांधी, एमपी शर्मा, शिवस्वरूप गुप्ता, राजेश सक्सेना, महेंद्र धींगरा, अशोक सक्सेना, विष्णुदेव चांडक आदि ने फुलसंदे वाले बाबा को मालायें पहनकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि कामेश पाठक ने किया।
Leave a Reply
Cancel Replyमुख्य समाचार
VOTE FOR CHAMPION
Recent News
Get Latest News
Subscribe to our newsletter to get the latest news and exclusive updates.
Top Categories
-
अपराध/ घटनाक्रम
878
-
बदायूं समाचार
558
-
गतिविधियां
412
-
आसपास समाचार
138
Recent Comment
-
by संजीव
इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से
-
by Mala
Good reporting
-
by सुधाकर सिंह नोएडा
रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज
SAB KI BAAT
