युवक की हो रही थी डायलिसिस, बीच में बिजली गुल होने से मशीन में रह गया आधा खून, मौत
सीडीओ के सामने हुई घटना, जेनरेटर के लिए कंपनी द्वारा डीजल न देने का आरोप लगाया स्टाफ ने
सीडीओ ने अव्यवस्थाओं की शिकायत पर अस्पताल में मारा था छापा
बिजनौर। जिले के मेडिकल अस्पताल में एक मरीज ने तब दम तोड़ दिया जब उसकी डायलिसिस के दौरान अस्पताल की बिजली चली गई और आधा खून मशीन में ही रह गया। इस दौरान उसकी मां बिलखती रही, लेकिन अस्पताल स्टाफ उसकी जान नहीं बचा सका।
सीडीओ पूर्ण बोरा को अस्पताल के डायलिसिस विभाग की व्यवस्था खराब होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शुक्रवार को सीडीओ अचानक अस्पताल पहुंच गए और चेकिंग करने लगे। उन्हें सभी जगह गंदगी और तमाम अव्यवस्थाएं दिखाई दीं। इस दौरान कोतवाली देहात के गांव फुलसंदा निवासी 25 वर्षीय सरफराज की वहां डायलिसिस चल रही थी कि तभी अचानक बिजली चली गई। डायलिसिस बीच में रुकने से सरफराज की हालत बिगड़ गई। सरफराज की हालत देखकर उसकी मां सलमा बिलख पड़ी और वहां मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने उसे बचाने की मिन्नतें करने लगी लेकिन कोशिश के बाद भी सरफराज की जान नहीं बच सकी। ये देखकर सीडीओ ने स्टाफ की कड़ी फटकार लगाई।
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नहीं मिलते डीजल के रुपये, सीडीओ ने मंगवाया डीजल
बिजनौर। सीडीओ के पूछने पर स्टाफ ने बताया कि डायलिसिस विभाग को संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चला रही है। स्टाफ ने बताया कि कंपनी के मैनेजर डीजल के लिए कोई रुपये नहीं देते, जिस वजह से जेनरेटर नहीं चल पाता। डायलिसिस के बीच में बिजली जाने पर दोबारा बिजली आने का इंतजार किया जाता है। ऐसे में मरीज की जान भी खतरे में पड़ जाती है। ये सुनकर सीडीओ ने अपने कर्मचारियों को अस्पताल में 50 लीटर डीजल तुरंत भिजवाने के निर्देश दिए। सीडीओ ने बताया कि उनके सामने एक मरीज की मौत हुई है। मामला बेहद गंभीर है। इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा, साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
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by संजीव
इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से
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by Mala
Good reporting
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by सुधाकर सिंह नोएडा
रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज
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