तो टिकट नहीं... 'राजा दशरथ' निकले सांसद के आंसुओं के 'जिम्मेदार'

तो टिकट नहीं... 'राजा दशरथ' निकले सांसद के आंसुओं के 'जिम्मेदार'

बदायूं। भाजपा के प्रबुद्धजन सम्मेलन में सांसद संघमित्रा मौर्य का रोना चर्चा में रहा। इसकी तमाम वीडियो वायरल होकर सोशल मीडिया पर चलीं। बताया गया कि टिकट कटने का गम सांसद के छलक आया और उनके आंसू बह निकले। 

दरअसल, मंगलवार को मंच पर सांसद राज्यमंत्री गुलाब देवी के साथ बैठी थीं। वीडियो में राज्यमंत्री कुछ बोलती दिखाई दे रही हैं। इसके बाद सांसद अचानक रोने लगीं। इस दौरान राज्यमंत्री ने उन्हें चुप कराने का प्रयास नहीं किया। इसके बाद सांसद वहां से आंसू पोंछती हुई उठकर चली गईं। बताया जाता है कि इसके बाद सांसद मुख्यमंत्री के आने के बाद मंच पर आईं। सांसद के इस व्यवहार के पीछे मीडिया पर तमाम सवाल दौड़ने लगे, जिसमें इसकी वजह उनका टिकट कटने का गम बताया गया। हालांकि बाहर आकर संघमित्रा मौर्य ने इसकी वजह दूसरी बताई। उन्होंने कहा कि राज्यमंत्री गुलाबदेवी राजा दशरथ की कहानी सुना रही थीं। वह कहानी मार्मिक और भावुक थी, इसलिए महिला होने के नाते आंखे नम हो गई थीं।

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खुद को बताया मजबूत, दिया यह तर्क

बदायूं। बाद में सांसद ने पत्रकारों के पूछने पर बताया कि संघमित्रा मौर्य इतनी कमजोर नहीं है। संघमित्रा बहादुर महिला है और इस देश की आधी आबादी का नेतृत्व करने वाली महिला है। टिकट को लेकर उन्होंने कहा कि टिकट को लेकर ये होता तो लोकसभा प्रत्याशी जिस दिन बदायूं आए थे तो वह उनके साथ बरेली से बदायूं नहीं आती। पूरे कार्यक्रम में उनके साथ नहीं रहतीं। यदि पार्टी में कोई दिक्कत होती तो वह कार्यक्रम से दूरी बनाकर रखती। 

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  • user by संजीव

    इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से

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  • user by Mala

    Good reporting

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  • user by सुधाकर सिंह नोएडा

    रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज

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