उझानी अग्निकांडः सब मजदूरों को बाहर निकाला तो कहां गया मुजरिया का मुनेंद्र !

उझानी अग्निकांडः सब मजदूरों को बाहर निकाला तो कहां गया मुजरिया का मुनेंद्र !

दिल्ली रोड स्थित मेंथा फैक्ट्री में आंधी के बाद बुधवार रात लगी थी भीषण आग

उझानी निवासी मनोज गोयल की है मेंथा फैक्ट्री, एक के बाद एक हुए दर्जनों धमाके

बदायूं। उझानी में दिल्ली रोड स्थित मेंथा फैक्ट्री में बुधवार रात हुए भीषण अग्निकांड में पुलिस और प्रशासन भले ही किसी भी प्रकार की जनहानि न होने का दावा कर रहा है, लेकिन मेंथा फैक्ट्री में काम करने वाले मुनेंद्र का अभी तक पता न लग पाना इस दावे को खारिज कर रहा है। मुनेंद्र के भाइयों की मानें तो मुनेंद्र आग में घिर चुका था, जिसे बचाने में उसके छोटे भाई का हाथ भी झुलस गया। 

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ये है पूरा मामला

बदायूं। मेंथा फैक्ट्री में आग लगने का कारण आंधी के बाद चिमनी गिरना बताया जा रहा है। इसके बाद फैक्ट्री में आग लग गई और एक के बाद एक धमाके होने लगे। नाइट्रोजन सिलेंडर फटने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। भयंकर विस्फोटों के चलते लोग पास जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा सके। बताया जाता है कि मेंथा फैक्ट्री में मौजूद हाइड्रोजन के कारण भी धमाके बढ़ते चले गए। एक टैंकर भी ब्लास्ट हो गया। इसके बाद बदायूं समेत बरेली, सम्भल और मुरादाबाद से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची लेकिन धमाकों के कारण उन्हें भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। आग की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पास के कुढ़ा नरसिंहपुर गांव को खाली कराना पड़ गया। 

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घर में था शादी का माहौल, अब मातम जैसा छाया

बदायूं। मेंथा फैक्ट्री में काम करने वाले मुनेंद्र के अलावा उसका बड़ा भाई 28 वर्षीय पुष्पेंद्र और छोटा भाई 20 वर्षीय गजेंद्र भी इसी फैक्ट्री में काम करते हैं। गजेंद्र की मानें तो तीनों फैक्ट्री में काम कर रहे थे कि अचानक आग लग गई और धमाके शुरू

                                       -- मुनेंद्र --

हो गए। मुनेंद्र आग में घिर गया तो उसने उसे बचाने का प्रयास किया, जिसमें उसके हाथ भी जल गए, लेकिन फिर भी वह मुनेंद्र को निकाल नहीं सके। इधर, परिवार वालों के अनुसार 28 को गजेंद्र की शादी की तारीख फिक्स थी। घर में तैयारियां चल

                       --मुनेंद्र के भाई पुष्पेंद्र और गजेंद्र--

रही थीं और हंसी खुशी का माहौल था लेकिन अब वहां परिवार वालों की चीखें गूंज रही हैं और मातम सा छा गया है। मुनेंद्र के दो बेटियां हैं, जिनमें चार साल की आशवी और दो साल की लवी है। 

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पूरी रात रहा दहशत का माहौल, बृहस्पतिवार शाम तक सुलगती रही आग

बदायूं। आग लगने से पूरी रात दहशत का माहौल रहा। आसपास के लोग अपने घरों को छोड़कर जाने लगे तो बदायूं और मुजरिया दोनों ओर से यातायात का रूट भी डायवर्ट कर दिया गया। हालांकि सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया था लेकिन बृहस्पतिवार शाम तक आग सुलगने से धुआं उठता देखा जा रहा था। 

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फैक्ट्री में थे करीब 40 मजदूर

बदायूं। हालांकि रात में कोई पुष्ट जानकारी न होने के कारण प्रशासान मेंथा फैक्ट्री में करीब 150 मजदूर होने की बात कह रहा था लेकिन बतायाा जा रहा है कि वहां करीब

          --मुनेंद्र की दोनों बेटियां आशवी और लवी--

40 मजदूर ही काम कर रहे थे, जिसमें मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बिचौला का 25 वर्षीय मुनेंद्र व उसके दोनों भाई भी शामिल थे। 

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आग की तरह फैलती रहीं अफवाहें

बदायूं। फैक्ट्री में जैसे जैसे आग विकराल रूप धारण करती जा रही थी वैसे वैसे अफवाहें भी फैलती जा रही थीं। लोगों का कहना है कि उझानी के ही कुछ लोग गाड़ियों से आए थे और कह रहे थे कि फैक्ट्री में हाइड्रोजन की गाड़ियां खड़ी हैं। अगर उनमें आग लगी तो पूरी उझानी उड़ जाएगी। ऐसे में तमाम लोग अपने घर छोड़कर भागने लगे थे। 


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