टंकी पर चढ़े सभासद तो टोंटियों में दौड़ा पानी, पालिकाध्यक्ष ने चलाया कार्रवाई का चाबुक
छह दिनों से बाधित थी पेयजल आपूर्ति, लिपिक को निलंबित किया, जेई जलकल से किया जवाब तलब
नलकूप की बिजली सप्लाई शहरी फीडर से जोड़ने को प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र भेजा
बदायूं। शहर के कई मोहल्लो में पिछले करीब छह दिनों से बाधित चल रही पेयजल आपूर्ति कुछ सभासदों के टंकी पर चढ़ने के बाद लाइन पर आ गई। पालिकाध्यक्ष ने मंगलवार को यहां पहुंचकर खुद ही आपूर्ति चालू कराई। उन्होंने लापरवाही के आरोप में जहां जेई जलकल का जवाब तलब किया है वहीं एक लिपिक को निलंबित भी कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि अब नागरिकों को कोई समस्या नहीं होगी।

शहर के दातागंज तिराहे के समीप आंबेडकर छात्रावास के पीछे बने टैंक से नई सराय, कल्यानगर, लोचीनगला, ब्राह्पुर आदि मोहल्लो की पेयजल आपूर्ति होती है। पिछले करीब छह दिनों से इन मोहल्लो में पेयजल संकट बना हुआ था। इसके विरोध में सोमवार को वार्ड संख्या 18 कल्याननगर के सभासद मोहित सक्सेना, वार्ड संख्या 15 ब्राह्मपुर के मुकेश कुमार, वार्ड संख्या 27 नई सराय के रफीकउद्दीन पानी की टंकी पर चढ़ गए थे तथा समस्या का निदान न होने तक टंकी से न उतरने का ऐलान कर दिया था। सभासदों के इस कदम से पालिका में अफरातफरी मच गई। शाम को सभासदों को समस्या के निदान का आश्वासन देकर टंकी से उतारा गया।
मंगलवार को नगर पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा मौके पर पहुंची और अपनी मौजूदगी में ओवरहैड टैंक के माध्यम से पुनः पेयजल आपूर्ति शुरू कराई। इधर, पालिकाध्यक्ष ने भ्रष्टाचार के मामले में कंजरवेंसी लिपिक सुमित सिंह को निलंबित कर दिया तो वहीं जलकल विभाग के सहायक अभियंता नितिन सक्सेना का जवाब तलब किया है। पालिकाध्यक्ष ने आंबेडकर छात्रावास के नलकूप की बिजली सप्लाई देहात फीडर से हटाकर शहरी फीडर से जोड़ने के लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र भी भेजा है।
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अधिकारियों को किया निर्देशित, समस्या हो तो पहले जनता को दें सूचना
बदायूं। पालिकाध्यक्ष फात्मा रज़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ओवरहेड टैंक की सफाई व मरम्मत का कार्य शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यदि किसी कारणवश जलापूर्ति बाधित करनी पड़े तो पहले से क्षेत्रवासियों को सूचना दी जाए और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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