जो चाहते हैं, उसके लिए करें विभाग से बात, आपकी मर्जी के बगैर कनेक्शन नहीं होगा प्रीपेड
सबकी बात न्यूज
बरेली। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए एक और खुशखबरी है। बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगवाना भले ही अनिवार्य हो लेकिन उन्हें अब यह विकल्प चुनने का अधिकार मिल गया है कि वह अपना मीटर पोस्टपेड तरीके से ही चलाना चाहते हैं, या प्रीपेड विकल्प में जाना चाहेंगे। स्मार्ट मीटर लगाने वाला टेक्नीशियन आपके घर पर सिर्फ स्मार्ट मीटर लगा सकता है, आपको जो भी विकल्प चाहिए उसके लिए आपको बिजली विभाग से बात करनी होगी।
पोस्टपेड विकल्प में चलने वाले स्मार्ट मीटर में सामान्य मीटर की तरह ही महीने के आखिर एक बार बिल आएगा और बकाया बिल पर आपको चक्रवृद्धि ब्याज भी देना होगा, लेकिन उपभोक्ता बिजली के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड तरीके से इस्तेमाल करता है तो वह प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ ले सकता है। इनमें बिजली विभाग द्वारा बनाए गए ऐप के जरिए रियल टाइम पर बिजली खपत की जानकारी, सटीक बिलिंग, आसान भुगतान, सोलर पैनल के साथ स्मार्ट मीटर का उपयोग और ऑनलाइन रिचार्ज पर मिलने वाली छूट समेत राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाएं शामिल हैं। बिजली बिल सीमित कर सकते हैं अलर्ट लगाकर अधिक बिल बनने से बच सकते हैं।
-------
सीईए ने नियम में किया संशोधन
बरेली। दरअसल, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त सुविधा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा बीते एक अप्रैल को जारी उस नए संशोधन के बाद आया है, जिसमें अनिवार्य प्रीपेड की शर्त को हटा दिया है यानी स्मार्ट मीटर लगवाना अभी भी अनिवार्य है, लेकिन इस नए संशोधन से आपको पोस्टपेड या प्रीपेड के विकल्प का अधिकार मिल गया है। अब उपभोक्ताओं को यह चुनने की आजादी होगी कि वे पोस्टपेड (पहले बिजली इस्तेमाल करें, फिर बिल भरें) विकल्प में रहना चाहते हैं, या प्रीपेड (पहले रिचार्ज करें) विकल्प को अपनाना चाहते हैं।
-----
स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है
बरेली। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि सबसे पहले तो बिजली उपभोक्ताओं को यह समझना जरूरी है कि स्मार्ट मीटर सिर्फ एक मीटर है, जिसका काम सिर्फ बिजली खपत की रीडिंग करना है। बिजली का टैरिफ रेट संबंधित राज्य विद्युत विनियामक आयोग हर साल तय करता है और उसी के मुताबित बिजली बिल बनता है।
------
टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर बदलना
बरेली। इस नए संशोधन अब आप अपनी सुविधा से तय करेंगे कि आपको रिचार्ज करना है या महीने के अंत में बिल भरना है। ये फैसला अब आपके हाथों में है! बिजली विभाग अधिकारी के उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहते हैं कि जब टेक्नीशियन आपके घर मीटर बदलने आए, तो उसे अपना काम करने दें। याद रखिए कि टेक्नीशियन का काम सिर्फ मीटर लगाना है। वह चाहकर भी आपके बिलिंग मोड (प्रीपेड या पोस्टपेड) में बदलाव नहीं कर सकता, क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह अधिकार केवल बिजली विभाग के पास है।
-----
स्मार्ट मीटरः आधुनिक तकनीक, स्मार्ट बचत के फायदे
-सटीक बिलिंगः गलत बिल और मीटर रीडर के इंतज़ार से मुक्ति।
-लाइव निगरानीः स्मार्ट ऐप से 24/7 बिजली खपत और बिल पर नज़र।
-सोलर फ्रेंडलीः सोलर पैनल और नेट-मीटरिंग के साथ आसान तालमेल।
-आसान भुगतानः लंबी लाइनों से छुटकारा, मोबाइल से तुरंत पेमेंट।
-पूर्ण नियंत्रणः अपने बजट के अनुसार बिजली खर्च मैनेज करने की शक्ति।
-----
बोले स्मार्ट उपभोक्ता-
''जब से मेरा स्मार्ट मीटर लगा है मुझे काफी राहत मिली है। मेरे मोबाइल एप पर पूरी जानकारी मिल जाती है। कितनी बिजली खपत और कितना बिल रोजाना है मुझे पता चल जाता है। ''
अक्षय शर्मा, सुरेश शर्मा नगर
---
''स्मार्ट मीटर प्रीपेड कर दिया गया था। मैने स्वेच्छा से अब पोस्टपेड करा लिया है। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मेरे मोबाइल पर घर की बिजली की खपत का पूरा ब्यौरा रहता है।''
प्रताप राज, राजेंद्र नगर
SAB KI BAAT
