वाह पुलिस! जो जेल में बंद था, उसे बना दिया 'लुटेरा'...अब बदायूं में तैनात रहे इस इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिस वालों पर एफआईआर के आदेश

वाह पुलिस! जो जेल में बंद था, उसे बना दिया 'लुटेरा'...अब बदायूं में तैनात रहे इस इंस्पेक्टर समेत 13 पुलिस वालों पर एफआईआर के आदेश

चन्दौसी (सम्भल)। बदमाशों को पकड़ने के लिए अक्सर मुठभेड़ का 'सहारा' लेने वाली पुलिस ने ऐसा कारनामा किया, जिसका खामियाजा 13 पुलिस कर्मियों को भुगतना पड़ा। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को लूट का आरोपी बनाकर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया जो घटना वाले दिन बदायूं की जेल में बंद था। कोर्ट ने इस मामले में बदायूं में तैनात रहे एक इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर करने के आदेश दिए हैं। इनमें एक सीओ भी शामिल हैं। 


मामला सम्भल के बहजोई थाना क्षेत्र का है। 25 अप्रैल-22 को अर्जुनपुर जूना गांव के दुर्वेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दूध की बिक्री करते हैं। दूध का भुगतान लेकर जब वह अपने गांव आ रहे थे तो रास्ते में बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे एक लाख रुपये लूट लिए। पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। मुकदमे की विवेचना एसएचओ पंकज लवानिया कर रहे थे जो बाद में अपराध निरीक्षक राहुल चौहान को सौंप दी गई थी। पकंज लवानिया बदायूं जिले के इस्लामनगर, बिसौली आदि जगहों पर इंस्पेक्टर रह चुके हैं। 


ढाई महीने बाद एक मुठभेड़ में पकड़े आरोपित

सम्भल। पुलिस ने इस मामले में सात जुलाई-22 को एक मुठभेड़ दिखाई, जिसमें पुलिस ने ओमवीर, धीरेंद्र और अवनेश नाम के लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनको बाइक लूट की घटनाओं का आरोपित बताते हुए दूधिया दुर्वेश के साथ लूट करने का आरोपित भी बताया। सभी को जेल भेज दिया गया। बस, यहीं मामले में पुलिस के फर्जीवाड़े का पेंच फंस गया। 

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ओमवीर बोला- 'वह तो जेल में बंद था'

सम्भल। पुलिस द्वारा पकड़े गए ओमवीर ने बताया कि पुलिस 25 अप्रैल-22 को हुई लूट की जिस घटना का आरोपित बता रही है, वह उसके द्वारा कैसे की जा सकती है। वह एक अन्य मामले में 11 अप्रैल-22  से 12 मई-22 तक बदायूं जेल में बंद था। 26 अप्रैल-22 को उसकी जमानत हुई तो वह लूट कैसे कर सकता है। ओमवीर का आरोप था किसा पुलिस कर्मियों ने उसे साजिश के तहत फंसाया है। उसने इसकी शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से की, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली।

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कोर्ट ने माना, पुलिस ने गलत किया

सम्भल। कोर्ट ने भी यह माना कि मामले में संलिप्त पुलिस कर्मियों ने साजिश के तहत गलत तरीके से यह काम किया। इसके बाद कोर्ट ने तत्कालीन सीओ गोपाल सिंह, तत्कालीन एसएचओ पंकज लवानिया, तत्कालीन एसआई प्रबोध कुमार, तत्कालीन अपराध निरीक्षक राहुल चौहान समेत 13 पुलिस कर्मियों पर एफआईआर करने के निर्देश थाना बहजोई को दिए हैं। 


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  • user by Anonymous

    हा...हा...हा.. मोदी का चित्रहार

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    सोच रहे होंगे की अब बैठ गए कुर्सी पर तो कौन ही हटाएगा

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  • user by Anonymous

    Intresting information

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