बदायूं पुलिसः दो मर्डर, दो-दो नामजद....पर एक मामले के दो नामजद गिरफ्तार, दूसरे के घूम रहे खुले
कुंवरगांव में शराब सेल्समैन और अलापुर में आशा वर्कर की हत्या के मामले में दिखे पुलिस के दो नजरिये
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पहला मामला- कुंवरगांव के दुगरैया में शराब सेल्समैन मुकेश यादव की हत्या
नामजद- ब्लूमिंगडेल स्कूल के निदेशक ज्योति मेंहदीरत्ता और पंकज खुराना
नामजदों की वल्दियत- एफआईआर में जिक्र नहीं
नामजदों का पता- एफआईआर में जिक्र नहीं
स्थिति- तीन गिरफ्तार, चौथे की तलाश, मगर दोनों नामजद को नहीं मिल रहे, खुलासे के लिए चार टीमें गठित
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दूसरा मामला- अलापुर क्षेत्र में आशा वर्कर की हत्या
नामजद- रामौतार और देवसरन
नामजदों की बल्दियत- क्रमशः रामदीन और रामचंद
नामजदों का पता- एफआईआर में गांव के नाम का जिक्र है
स्थिति- दोनों ही घटना वाली रात ही हिरासत में, खुलासे के लिए चार टीमें गठित
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हत्या के दो अलग-अलग मामलों में नामजदों के लिए पुलिस का नजरिया अलग-अलग
बदायूं। चंद दिनों के अंतराल में हुए जिला बदायूं में ये हत्या के दो मामले हैं, जिनमें बदायूं की पुलिसिंग की अलग ही तस्वीर उभर कर आती है। आशा वर्कर वाले मामले में दुष्कर्म की भी आशंका है लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में दोनों ही मामले फिलहाल हत्या के ही हैं। दोनों ही वारदातों में दो-दो लोग नामजद हैं, लेकिन बदायूं पुलिस का नजरिया दोनों मामलों को लेकर कितना अलग है, यह नामजदों की स्थिति देखकर पता चल जाता है।
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आशा वर्कर की हत्या का मामला
बदायूं। विगत सोमवार की रात अलापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में एक आशा वर्कर का शव अर्द्धनग्न हालत में खेत में पड़ा मिला था। शक के आधार पर आशा वर्कर के पति ने गांव के ही दो लोगों रामौतार और देवसरन को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने रात को ही दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
- अलापुर में वारदात स्थल के पास खेत की उजड़ी फसल-
आशा वर्कर की मौत के बाद एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह ने अपना वीडियो बयान भी जारी किया था, जिसमें दोनों नामजदों को हिरासत में लेने का जिक्र भी है। इधर मंगलवार शाम को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आशा वर्कर की मौत गला दबाकर होना पाया गया है। पुलिस के अनुसार, आंतरिक परीक्षण के लिए मृतका का डीएनए प्रोफाइल विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
आशा वर्कर की हत्या के मामले में क्या कहा एसएसपी ने, वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-
https://www.youtube.com/watch?v=UWPbIYOUOz8
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आशा वर्कर हत्याकांड से संबंधित खबरें पढ़ने के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करें-
- टीकाकरण करने गई थी आशा कार्यकर्ता...अर्द्धनग्न हालत में खेत में मिली लाश
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शराब दुकान के सेल्समैन की हत्या का मामला
बदायूं। विगत 13 मई को कुंवरगांव क्षेत्र के गांव दुगरैया में अज्ञात बदमाशों ने देशी शराब की दुकान के सेल्समैन मुकेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परिवार वालों ने ब्लूमिंगडेल स्कूल के निदेशक ज्योति मेहंदीरत्ता और उनके कथित मैनेजर पंकज खुराना को नामजद कराया था, लेकिन पुलिस ने उनसे पूछताछ करने की जहमत ही नहीं उठाई। हालांकि 24 घंटे के अंदर ही पुलिस ने तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद लूट की कहानी सामने आई। पुलिस एक और हत्यारोपी बिहारी को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस मामले में पुलिस का दूसरा नजरिया देखने को मिला कि दोनों नामजद पुलिस को अभी तक मिले ही नहीं हैं। अब वे मिल नहीं रहे या पुलिस जानकर उन्हें छूट दे रही है, यह तो समझने वाले समझते ही हैं, लेकिन इतना जरूर है कि एक ही जैसे हत्या के दो मामलों में पुलिस का यह अंदाज लोगों को पसंद नहीं आ रहा।
शराब सेल्समैन की हत्या के मामले में क्या कहा था एसएसपी ने, वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें-
https://www.youtube.com/watch?v=2k65foEoQq4
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शराब सेल्समैन हत्याकांड से संबंधित खबरें पढ़ने के लिए इन लिंक्स पर क्लिक करें-
- हत्या के मामले में ब्लूमिंगडेल स्कूल के निदेशक ज्योति मेहंदीरत्ता समेत चार पर एफआईआर
https://sabkibaat.in/post/fir-against-four-people-including-bloomingdale-school-director-jyoti-mehndiratta-in-murder-case
...तो लूट के लिए की गई थी शराब सेल्समैन की हत्या, मुठभेड़ में तीन गिरफ्तार
https://sabkibaat.in/post/---so-the-liquor-salesman-was-murdered-for-robbery-three-arrested-in-encounter#google_vignette
- नामजदगी के बाद पुलिस को नहीं मिल रहे ब्लूमिंगडेल के निदेशक ज्योति मेंहदीरत्ता...'अंडरग्राउंड' या कुछ और
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एक में नामजद साधारण तो दूसरे में हाईप्रोफाइल
बदायूं। यह कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस हाईप्रोफाइल लोगों को हिरासत में लेने से कतरा रही है। दरअसल, ऐसे लोगों को पकड़कर पूछताछ करने की राह में पुलिस के सामने भी धन, बल, नेताओं या फिर वरिष्ठों का दबाव सामने आ ही जाता हैं। यही कारण है कि आशा वर्कर की हत्या के मामले में पुलिस ने दोनों नामजद उसी रात धर लिए जबकि शराब सेल्समैन हत्याकांड में पुलिस को वह ढूंढे से भी नहीं मिल रहे।
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