ज्यादा देर तक बैठते हैं कंप्यूटर के सामने या चलाते हैं मोबाइल तो हो हो सकता है सर्वाइकल पेन
बदायूं। मोबाइल फोन और कंप्यूटर मनुष्य के जीवन में आज इस तरह घुस चुके हैं कि न तो इनके बिना काम संभव हो पा रहा है और न ही दिनचर्या। तमाम लोगों के दिन की शुरुआत ही मोबाइल से होती है तो रात में भी यह नींद को प्रभावित करता रहता है।
मोबाइल और कंप्यूटर की अधिकता लोगों में सर्वाइकल पेन पैदा कर रही है जो धीरे-धीरे सर्वाइकल स्पॉंडलाइटिस या लंबर स्पॉंडलाइटिस में बदल जाता है।
--------
मोबाइल बना रहा गर्दन और कमर दर्द का शिकार
बदायूं। वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. मोहम्म्द यूसुफ कहते हैं कि आजकल के दौर में इंसान इतनी तेज लाइफ जी रहा है कि उसे अपने स्वास्थ्य तक की चिंता नहीं है। घंटो
या तो ऑफिस में गर्दन और कमर झुकाकर काम करना पड़ रहा है या फिर घर में ही मोबाइल पर घंटो बिताए जा रहे हैं। धीरे-धीरे यह आदत कमर और गर्दन दर्द का कारण बन जाती है। शुरू में तो दर्द निवारक दवाओं से आराम मिल जाता है, लेकिन धीरे-धीरे यह दवाएं भी बेअसर होने लगती हैं।
---------
फ्रोजन शोल्डर होने पर हो सकती है बड़ी परेशानी
बदायूं। डॉ. मोहम्मद यूसुफ कहते हैं कि रोग ज्यादा होने की स्थिति में मनुष्य गर्दन की हड्डी बढ़ने यानी सर्वाइकल स्पॉंडलाइटिस या कमर की हड्डी बढ़ने यानी लंबर स्पॉंडलाइटिस की समस्या से ग्रसित होने लगता है। सबसे ज्यादा परेशानी तब आती है जब फ्रोजन शोल्डर यानी कंधा जाम होने की समस्या हो जाती है।
---------
फिजियोथैरेपी है एकमात्र इलाज
बदायूं। फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. यूसुफ के अनुसार, इन सब समस्याओं का एकमात्र इलाज फिजियोथैरपी है, जिसमें मरीज को मालिश, सिंकाई, व्यायाम और आधुनिक मशीनों द्वारा चिकित्सा प्रदान की जाती है। उनके अनुसार, इसके लिए एक कुशल और अनुभवी फिजियोथैरेपिस्ट की जरूरत होती है। अनुभवहीन के पास जाने पर रोग और बढ़ सकता है।
Leave a Reply
Cancel Replyमुख्य समाचार
VOTE FOR CHAMPION
Recent News
Get Latest News
Subscribe to our newsletter to get the latest news and exclusive updates.
Top Categories
-
अपराध/ घटनाक्रम
878
-
बदायूं समाचार
558
-
गतिविधियां
412
-
आसपास समाचार
138
Recent Comment
-
by संजीव
इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से
-
by Mala
Good reporting
-
by सुधाकर सिंह नोएडा
रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज
SAB KI BAAT
