बदायूं निवासी इस पूर्व राज्यमंत्री के बेटे के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, 2027 के लिए भी ठोक रहे दावेदारी
भूपेंद्र सिंह दद्दा के बेटे सुशांत पर दर्ज हुई एफआईआर, मारपीट समेत कई आरोप लगाए पीड़ित ने
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बदायूं। बदायूं निवासी पूर्व राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह दद्दा के बेटे सुशांत सिंह राठौर समेत आठ लोगों पर मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपितों में एक व्यक्ति को उसकी पत्नी व बेटा-बेटी समेत भी नामजद किया गया है।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के गुलड़िया निवासी अर्पित पटेल उर्फ भोले द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि विगत 11 मार्च को रात करीब 11 बजे वह अपने प्लॉट से भैंस बांधकर अकेला घर आ रहा था। रास्ते से जा रही एक बरात में कुछ लोगों में झगड़ा हो रहा था, जिसमें उसने बीच बचाव कराने का प्रयास किया। इसी बीच अनुभव शर्मा उर्फ चीकू वहां आ गया और उससे गाली गलौज करने लगा। अर्पित के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो अनुभव ने उससे मारपीट शुरू कर दी और फोन करके पूर्व राज्यमंत्री भूपेंद्र सिंह दद्दा के बेटे सुशांत सिंह राठौर समेत कई लोगों को बुला लिया, जिनमें महिलाएं भी शािमल थीं। इन लोगों ने उसे गिराकर लात घूंसों से पीटा, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। इस दौरान उसने आरोपितों की वीडियो बनाने की कोशिश की लेकिन सुशांत ने उसका मोबाइल फोन छीनकर जमीन पर पटक दिया।
अर्पित के अनुसार, घटना के बाद वह काफी डर गया था। उसने निजी हॉस्पिटल में अपना इलाज कराया। ठीक होने के बाद उसने तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने पूर्व राज्यमंत्री के बेटे सुशांत समेत अनुभव शर्मा उर्फ चीकू, हरीश शर्मा, हरीश की पत्नी सुनीता शर्मा, बेटा आयुष शर्मा, बेटी प्रियांशी शर्मा, हरीश के पिता रामभरोसे शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके अलावा हरीश शर्मा के दामाद तथा चार अज्ञात को भी रिपोर्ट में शामिल किया है।
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ये है भूपेंद्र सिंह दद्दा का चुनावी सफर
बदायूं। जब जिले में बिनावर विधानसभा क्षेत्र होता था तब 1996 में दद्दा बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन चुनाव भाजपा के रामसेवक सिंह पटेल ने जीता। इसके बाद 2002 के चुनाव में भी भूपेंद्र सिंह बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे और विधायक बन गए। वर्ष 2007 में हुये विधानसभा चुनाव में वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन भारतीय जन शक्ति पार्टी के टिकट पर ताल ठोक रहे रामसेवक सिंह पटेल चुनाव जीत गए। इस चुनाव में बसपा उम्मीदवार उमेश सिंह राठौर दूसरे स्थान पर जबकि दद्दा तीसरे स्थान पर रहे थे। 2012 में नये परिसीमन और शेखूपुर सीट सृजित होने के बाद भूपेंद्र सिंह को टिकट न मिलने पर उन्होंने महानदल से ताल ठोंक दी थी लेकिन इस बार उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। वह इस चुनाव में छठे नंबर पर खिसक गए थे।
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2027 की तैयारी में दद्दा
बदायूं। कई सालों तक राजनीति में सक्रिय भूमिका में नही रहने के बाद अब भूपेंद्र दद्दा चुनावी दंगल में सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं। सपा के मंचों पर उनकी मौजूदगी कुछ इशारा कर रही है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का कहना है कि उनके बेटे सुशांत सिंह राठौर इस बार समाजवादी पार्टी से टिकट के दावेदारों में से एक हो सकते हैं।
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