देहदान का संकल्प लेने के लिए सम्मानित की गईं डॉ. लता, पुत्र ने लिया सम्मानपत्र
बदायूं। कुंवर रुकुम सिंह वैदिक इंटर कॉलेज नगला पूर्वी के पूर्व प्रधानाचार्य स्व. डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्रा की धर्मपत्नी डॉ. लता मिश्रा को राममूर्ति मेडिकल कॉलेज में देहदान के संकल्प पत्र भरने के लिए सम्मानित किया गया।
डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्रा का भी दो वर्ष पूर्व निधन हो जाने के बाद उनका पार्थिव शरीर राममूर्ति मेडिकल कॉलेज को दान दे दिया गया था। डॉ. लता मिश्रा के समाजसेवा कार्य के कारण जनपद से बाहर होने की वजह से उनके पुत्र डायट फरीदपुर बरेली में प्रवक्ता श्रीकांत मिश्रा द्वारा सम्मान प्राप्त किया गया। प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, पौधा
तथा शॉल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राममूर्ति ट्रस्ट के चेयरमैन देवमूर्ति, एनाटोमी डिपार्टमेंट की हेड डॉ नमिता मेहरोत्रा, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन आदित्य मूर्ति, डॉ शंभू प्रसाद, डॉ कंचन बिष्ट, देहदानी तथा एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के तमाम छात्र उपस्थित रहे।
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पति से प्रेरित होकर लिया देहदान का संकल्प
बदायूं। डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्रा लंबे समय तक नगला इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत रहे। उन्होंने अपने जीते जी देहदान तथा नेत्रदान के लिए लोगों को प्रेरित किया। सैकड़ो की संख्या में लोगों ने प्रेरित होकर उनके अभियान के तहत नेत्रदान तथा देहदान का संकल्प पत्र भरा। उन्हीं से प्रेरित होकर डॉ. लता मिश्रा ने भी देहदान का संकल्प पत्र भरा। डॉ. लता मिश्रा राष्ट्रीय महिला आयोग की बदायूं इकाई
की सदस्य भी रही है। उनकी समाज सेवा से प्रभावित होकर पूर्व में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री केडी स्वामी ने उन्हें सम्मानित भी किया था। डॉ. लता मिश्रा के बड़े पुत्र गौरव मिश्रा सहारनपुर के एक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। डॉ लता मिश्रा ने कहा है कि अधिक से अधिक संख्या में लोगों को देहदान करना चाहिए, जिससे लोगों को अंग की कमी न हो तथा रिसर्च कार्य के लिए पर्याप्त शरीर मेडिकल कॉलेज को मिलें।
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by संजीव
इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से
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by Mala
Good reporting
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by सुधाकर सिंह नोएडा
रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज
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