बदायूं। पूर्व मंत्री एवं विधायक आबिद रजा ने ककोड़ा मेला में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर दो दिवसीय सेवा शिविर लगाया और विशाल भंडारा किया। इस दौरान शेखूपुर व बदायूं विधानसभा क्षेत्र के लोगों से मुलाकात भी की और उनकी समस्याओं को सुना।
रुहेलखंड के मिनी कुंभ कहे जाने वाले ककोड़ा मेला में इस बार सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री आबिद रजा ने कार्तिक पूर्णिमा पर दो दिवसीय सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं के भोजन और विश्राम की व्यवस्था की। सुबह से ही शिविर में श्रद्धालु जुटने लगे थे। साधु-संतों के पंडालों और झूलों के आसपास भक्ति का माहौल था। भंडारे में खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी, हलवा आदि प्रसाद के रूप में परोसे गए।
पूर्व मंत्री आबिद रजा स्वयं ने स्वयं भोजन वितरण में सहयोग करते हुए सेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मेलों की यही परंपरा हमारी संस्कृति की पहचान है। यहां भक्ति, सेवा और आपसी प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
भंडारे में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आबिद रजा और उनके साथियों को साधुवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
----------
एक साथ बदायूं और शेखूपुर साधने की कवायद
बदायूं। पूर्व मंत्री आबिद रजा द्वारा पहली बार ककोड़ा में शिविर लगवाकर श्रद्धालुओं के भोजन, विश्राम आदि की व्यवस्था कराने को बदायूं और शेखूपुर की जनता को साधने की कवायद भी माना जा रहा है। दरअसल, 2027 के विधानसभा चुनाव में आबिद रजा बदायूं और शेखूपुर से खुद को प्रत्याशी बतौर जनता के सामने पेश कर रहे हैं। उनका प्रयास दोनों विधानसभा क्षेत्रों में से किसी एक से सपा का टिकट का हासिल कर चुनाव लड़ना है। ऐसे में उनके द्वारा ककोड़ा जैसे धार्मिक स्थान पर शिविर का आयोजन कर न केवल अपनी सेक्युलर छवि को और निखारने की ओर एक कदम माना जा रहा है, बल्कि दोनों क्षेत्रों की जनता से एक साथ मिलने और उसे समझने की कवायद से भी जोड़ा जा रहा है।
Leave a Reply
Cancel Replyमुख्य समाचार
VOTE FOR CHAMPION
Recent News
Get Latest News
Subscribe to our newsletter to get the latest news and exclusive updates.
Top Categories
-
अपराध/ घटनाक्रम
878
-
बदायूं समाचार
558
-
गतिविधियां
412
-
आसपास समाचार
138
Recent Comment
-
by संजीव
इसे भी ईंट से खींचकर मारो जान से
-
by Mala
Good reporting
-
by सुधाकर सिंह नोएडा
रिपोर्टिंग ये होती है। जिन पर रिपोर्ट लिखी उनके नाम तक नहीं दिए। जरूरी नहीं कि महिला ही पीड़ित हो। कभी कभी लड़का पक्ष भी सही होता है। इसका ध्यान रखना बहुत अच्छी बात है। आखिर लड़के पक्ष की भी इज्जत होती है। शाबाश सबकी बात न्यूज
SAB KI BAAT
