सांसद आदित्य की केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा को खुली चुनौती...'लोकप्रियता का इतना ही गुमान है तो चुनाव मैदान में उतरिए'
रेल ने कराया दो नेताओं का 'पेलमपेल', बीएल वर्मा के बयान पर सांसद का पलटवार
बदायूं से दिल्ली चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस के शुभारंभ के मौके पर बीएल वर्मा ने कहा था- 'मुंह दिखाने लायक नहीं हैं सांसद'
समारोह में किया गया था आमंत्रित, पर सांसद नहीं पहुंचे थे
सबकी बात न्यूज
बदायूं। बदायूं से दिल्ली चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस के चलने से जिले के लोगों को लाभ भले ही हुआ है, लेकिन असली मजा अब आ रहा है जब रेल को लेकर दो नेताओं में बयानों की 'पेलमपेल' छिड़ गए गई है। आमंत्रित किए जाने के बाद भी शुभारंभ समारोह में नहीं पहुंचे सांसद आदित्य यादव के बारे में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा के 'मुंह दिखाने लायक नहीं हैं सांसद' वाले बयान पर अब सांसद ने पलटवार करते हुए अपने एक्स एकाउंट पर केंद्रीय मंत्री को खुली चुनौती दे डाली है। सांसद ने लिखा है कि 'यदि बीएल वर्मा को अपनी लोकप्रियता का इतना ही गुमान है तो चुनाव मैदान में उतरकर दिखाएं।'
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वर्मा ने सोमवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था ट्रेन को
बदायूं। सोमवार को इंटरसिटी ट्रेन का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर किया था। इस मौके पर रेलवे की ओर से भाजपा के जनप्रतिनिधियों समेत सांसद आदित्य यादव को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन सांसद वहां नहीं पहुंचे। मीडिया ने जब बीएल वर्मा से बात की तो उन्होंने सांसद के लिए बयान दिया था।
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सांसद के लिए क्या कहा बीएल वर्मा ने
बदायूं। ट्रेन चलने के बाद बीएल वर्मा ने तमाम नेताओं के साथ बरेली तक का सफर किया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि सपा सांसद आज मुंह दिखाने लायक नहीं हैं। इसी कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। जब झूठ का पुलिंदा खुलता है तो सच्चाई सामने आ ही जाती है।
(देखिये, दोनों नेताओं की जुबानी जंग)-
पढ़िए, सांसद आदित्य ने ये लिखा एक्स पर
- बाबा साहब ने कहा था, ''अधिकार छीने जाते हैं, भीख में नहीं मिलते।'' बदायूं की इंटरसिटी ट्रेन जनता के संघर्ष की जीत है, किसी मंत्री की खैरात नहीं।
बीएल वर्मा जी, जनता के काम का 'क्रेडिट' लूटने में तो आप अव्वल हैं, लेकिन बदायूं की इन नाकामियों का 'श्रेय' कौन लेगा?
- मेडिकल कॉलेज की बदहाली
- HPCL और मेंथा प्लांट में हुई हत्याएं
- जिले की चरमराई कानून-व्यवस्था
10 साल की सरकार और छह साल की सांसदी के बाद भी झोली खाली है, इसलिए दूसरों के काम पर अपनी मुहर लगा रहे हैं। अगर लोकप्रियता का इतना ही गुमान है, तो चुनावी मैदान में उतरिए, बदायूं की मिट्टी और बाबा साहब के दिए वोट की चोट आपका भ्रम एक दिन में साफ कर देगी।
अब 'श्रेय' का नहीं, 'हिसाब' का वक्त है।

'क्रेडिट' की खातिर भिड़े दोनों नेता
बदायूं। यहां दोनों नेताओं के भिड़ने का कारण केवल विरोधी पार्टियां ही एकमात्र कारण नहीं है। दरअसल दोनों नेताओं में रेल को लेकर क्रेडिट लेने की होड़ मची है। बदायूं की जनता भी जानती है कि जिले में काम कम और क्रेडिट लेने की होड़ यहां के नेताओं में ज्यादा है। ट्रेन के मामले में भी बीएल वर्मा यह कहते रहे कि इस ट्रेन का चलना उनके प्रयासों का नतीजा है तो सांसद भी यह कहते रहे कि उन्होंने लोकसभा में इस मुद्दे को बार-बार उठाया था, जिस कारण यह ट्रेन जिले वासियों को मिल सकी हैं। अब, कुछ भी हो, ट्रेन चलने से ज्यादा मजा यहां की जनता को इन नेताओं की आपसी बयानबाजी में आ रहा है।
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- बदायूं के लोगों को मिली सुविधा, दिल्ली तक जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस का शुभारंभ
https://sabkibaat.in/post/people-of-badaun-got-facility-intercity-express-going-to-delhi-inaugurated




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