...जब बदायूं से पकड़ी गईं थीं मुंगेर की पिस्टल, इस नेता के नौकर समेत नौ को दबोचा था पुलिस ने
आठ पिस्टल बरामद कर पुलिस ने थपथपा ली थी पीठ, सैकड़ों पिस्टल खपाने की थी चर्चा
तब के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष इशरत अली अब हैं नगर पंचायत सैदपुर के अध्यक्ष
सबकी बात न्यूज
बदायूं। रोहतक से 25 हजार कारतूसों के साथ गिरफ्तार किए गए बदायूं गन हाउस के संचालक अफीकउद्दीन उर्फ बॉबी का नाम कारतूस तस्करी में आने के बाद करीब सात साल पहले के पिस्टल कांड की याद ताजा हो गई हैं जब पुलिस ने काफी संख्या में बिहार के मुंगेर में बनी पिस्टलों का पकड़ा था। इसमें बाबूराम मार्केट चौराहा स्थित गन हाउस के संचालक एवं सैदपुर के वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष (तब पूर्व अध्यक्ष) इशरत अली के नौकर भूरा समेत ककराला के सलीम, मोहल्ला नागरान के अमित, अल्फाखां सराय के रिंकू, चौधरी सराय के गौर मोहम्मद, हुसैनी गली के पंकज, शिवपुरम के विनोद, सैदपुर के इरफान तथा चंदौसी के मई गांव निवासी मसरूर को दबोचा था, जबकि शिवम गुप्ता फरार दिखाया गया था। उनके पास बिहार के मुंगेर में बनी आठ पिस्तल और 38 कारतूस बरामद मिले थे। देखने में ये पिस्तल बिल्कुल लाइसेंसी लगती थीं। बताते हैं कि इस मामले में बड़ी सौदेबाजी की गई। मामले की परतें खुली तो यह भी पता चला कि पुलिस ने केवल आठ पिस्तल बरामद करके अपनी पीठ थपथपा ली, जबकि वास्तविकता ये थी कि न जाने कब से चल रहे इस धंधे में सैकड़ों पिस्तल जिले भर में खपा दी गईं। कुछ लोग दहशत फैलाने के लिए भी इन पिस्तलों का प्रयोग करने की मंशा रखते थे। दरअसल, लाइसेंसी पिस्टल चुनाव में जमा करनी पड़ती हैं, लेकिन इन अवैध असलहों को जमा करने का झंझट नहीं था।
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कहीं और से पकड़ा, कहीं और दिखाया
बदायूं। अवैध असलहों का खपाने की भनक पुलिस को पहले से थी। मुखबिरी के बाद पुलिस ने सबसे पहले भूरा को दबोचा। उसके बाद भूरा से इशरत के नौकर अमित को फोन कराया गया, जिसमें और पिस्टलों की बिक्री की बात कही गई। सौदा तय होने के बाद अमित दो पिस्टल लेकर जा रहा था तभी पुलिस ने उसे बाबूराम मार्केट चौराहे से गद्दी चौक जाने वाले रास्ते पर दबोच लिया, लेकिन पुलिस ने जवाहरपुरी से नौ लोगों की गिरफ्तारी दिखाई।
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सत्ता पक्ष के एक नेता के बेटे के पास भी थी दो पिस्टल
बदायूं। पुलिस ने इस मामले मे जिन नौ लोगों को गिरफ्तार किया था, उनके अलावा भी कई लोग रात में पकड़े गए थे। इनमें एक पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे के अलावा लालपुल निवासी एक युवक, चिकित्सक, फर्नीचर का शोरूम चलाने वाले व्यक्ति को भी पकड़ा गया था, लेकिन सभी को सौदेबाजी करके छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, सत्ता पक्ष के एक बड़े नेता के बेटे के पास से भी दो पिस्टल मिली थीं, जिन्हें पुलिस वालों ने बड़े अदब से उनके घर जाकर ही मांगा था।
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एसएसपी भी हुई कार्रवाई के शिकार
बदायूं। जिस समय बदायूं में यह पिस्टल कांड हुआ था तब एसएसपी के रूप में अशोक कुमार सिंह तैनात थे। बाद में उच्चाधिकारियों के स्तर से हुई कार्रवाई में उनका डिमोशन करके यहां से स्थानांतरण कर दिया गया था।
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अब पुलिस कर रही कारतूस कांड की जांच
बदायूं। कारतूस तस्करी में बॉबी का नाम आने के बाद पुलिस उसका नेटवर्क खंगालने में लगी हैं। कहीं यह कारतूस आने वाले चुनाव में हिंसा फैलाने में तो नही प्रयोग होने वाले थे, इस एंगिल पर भी जांच की जाएगी। कारतूस कहां और किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे, इसकी जांच भी होगी
फोटो सौजन्य-एआई
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