जवान बेटे की लाश पड़ी थी सामने, हथकड़ियों में जकड़ा खड़ा पिता बहा रहा था आंसू...आखिर क्या हुआ ऐसा

जवान बेटे की लाश पड़ी थी सामने, हथकड़ियों में जकड़ा खड़ा पिता बहा रहा था आंसू...आखिर क्या हुआ ऐसा

नोएड में संदिग्ध परिस्थतियों में हुई युवक की मौत, लाश गांव पहुंची तो हथकड़ियों में जकड़े पिता को लाई पुलिस

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बदायूं। जवान बेटे की नोएडा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बेटे की लाश जब गांव पहुंची तो एक मामले में जेल में निरुद्ध पिता को पुलिस लेकर आई। बेटे की लाश को देखकर पिता आंसू बहाने के सिवा कुछ और न कर सका। 

मामला उसहैत के गांव गड़ियाचौर का है। यहां रहने वाले ब्रजराज हत्या के प्रयास के मामले में करीब चाह महीने से जेल में निरुद्ध हैं। उनके दो बेटे रमन और रजनेश नोएडा में मेहनत मजदूरी करते हैं। दोनों वहां किराये के मकान में रहते हैं। ब्रजराज का 19 साल का तीसरा बेटा धर्मवीर भी करीब एक सप्ताह पहले नोएडा गया था। 13 मई को तीनों भाई नोएडा के मकान में ही थे। सुबह को रमन और रजनेश मजदूरी करने चले गए जबकि धर्मवीर कमरे पर ही रह गया। दोपहर दो बजे जब रमन खानेखाने कमरे पर आया तो दरवाजा अंदर से लगा था। उन्होंने कुंडी खटखटाई लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इस पर उन्होंने कई बार धक्का दिया, जिससे अंदर का कुंडा टूट गया। जब वह अंदर पहुंचे तो वहां धर्मवीर की लाश फंदे पर लटकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। शनिवार को धर्मवीर की लाश गांव लाई गई। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए ब्रजराज भी जेल से हथकड़ी में जकड़े हुए गांव पहुंचे। जवान बेटे की लाश देखकर उनके आंसू नहीं रुक रहे थे। रमन और रजनेश के अनुसार, पिता के जेल जाने पर धर्मवीर उदास रहता था। माना जा रहा है कि डिप्रेशन में आकर उसने आत्महत्या कर ली।

(मुख्य फोटो सौजन्य-एआई)




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  • user by जतिन यादव

    पीडीए का प्रचार कर रहे हैं या अपना। पूरा जिले में कहा प्रचार हो रहा है बस शेखुपुरा में हो रहा है

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  • user by Anonymous

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  • user by श्रीकांत यादव

    दल बदलू नेता हैं ये, किसी का भला नहीं कर सकते हैं ये। टिकट का सपना देख रहे हैं कई नेता पर टिकट नहीं मिलेगा। आबिद रजा काजी रिजवान शैलेश पाठक, विमल कृष्ण सब ताकते रह जाएंगे

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