बदायूं विधानसभा को मिली एक और बड़ी सौगात, मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण एवं जीर्णाेद्धार
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बदायूं। बदायूं विधानसभा क्षेत्र में विकास के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ग्राम बसईया खेड़ा ललभुजिया स्थित पौराणिक पंचवईया मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णाेद्धार के लिए पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। स्वीकृति के बाद मंदिर के विकास कार्यों की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। शनिवार को कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस (C&DS) के अधिकारियों ने मंदिर
परिसर एवं आसपास के पौराणिक स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थल की स्थिति का जायजा लेते हुए डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इस अवसर पर क्षेत्रीय लोगों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया। लोगों ने कहा कि पंचवईया मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और पौराणिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णाेद्धार से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और इस धार्मिक स्थल को नई पहचान मिलेगी।
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आस्था और पौराणिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है मंदिरः महेश गुप्ता
बदायूं। विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि बदायूं विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। सड़क, शिक्षा, बिजली, जल निकासी, नगर विकास के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचवईया मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि क्षेत्र की
आस्था और पौराणिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके सौंदर्यीकरण एवं जीर्णाेद्धार से मंदिर परिसर का विकास होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विधायक ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बदायूं विधानसभा में विकास का पहिया लगातार आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में एक के बाद एक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति मिलना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है।
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भाजपा जिला मंत्री ने अधिकारियों से ली जानकारी
बदायूं। भाजपा जिला मंत्री विश्वजीत गुप्ता ने मंदिर प्रांगण पहुंचकर कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर जानकारी ली। उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से प्रस्तावित कार्यों एवं डीपीआर की प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की। इस दौरान विश्वजीत गुप्ता ने क्षेत्रीय जनता से भी संवाद किया और मंदिर के विकास को लेकर उनके सुझाव एवं अपेक्षाएं जानीं। श्री गुप्ता ने कहा कि पौराणिक एवं धार्मिक स्थलों का विकास हमारी सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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डीपीआर के बाद आगे बढ़ेगी कार्ययोजना
बदायूं। सीएंडडीएस अधिकारियों द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण के बाद मंदिर परिसर के विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। डीपीआर में प्रस्तावित कार्यों को शामिल करने के बाद नियमानुसार आगामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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