देश के लिए जान देने वाले सैनिकों के लिए क्या किया भाजपा ने, जानना चाहती है जनताः धर्मेंद्र यादव

देश के लिए जान देने वाले सैनिकों के लिए क्या किया भाजपा ने, जानना चाहती है जनताः धर्मेंद्र यादव

संसद में बोले सांसद धर्मेंद्र-सैनिकों के लिए लाए जाने वाले बिल का विरोध करती है सपा

सबकी बात न्यूज

बदायूं। समाजवादी पार्टी के नेता, मुख्य सचेतक व सांसद धर्मेन्द्र यादव ने देश की सीमा की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए संसद में कहा कि मुलायम सिंह यादव रक्षा मंत्री रहे तथा हमारे परिवार में भी कई लोग सैनिक रहे इसीलिए सैनिकों का दर्द तथा परेशानी हम जैसे किसान परिवार से आए हुए लोग अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

धर्मेंद्र यादव ने कहा कि संसद में नक्सलवाद पर गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो चुका है यदि ऐसा है तो उसको समाप्त करने में हमारे देश के वीर सैनिकों का अहम योगदान रहा है इस नक्सलवाद को खत्म करने में हजारों सैनिक शहीद हुए हैं। केंद्र की भाजपा सरकार का यह दायित्व बनता था कि उन सैनिकों के लिए जनकल्याणकारी नीतियों के माध्यम से ऐसा करते कि उन्हें व उनके परिजनों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने के अवसर प्राप्त होते परन्तु बहुत शर्मनाक बात है कि देश के उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय ने भी यह कहा है कि सैनिकों को शहीद का दर्जा दिया जाए तब भी उनको शहीद का दर्जा न देकर केंद्र की असंवेदनशील भाजपा सरकार इसका विरोध कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश की तेरह हजार किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा करने वाले वीर सैनिकों के लिए जो केंदीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) 2026 जो बिल लाया जा रहा है,उसमें ऐसा कुछ नहीं है जिससे देश के केंदीय सुरक्षा बल, पैरामिलिट्री फोर्सेस तथा उनके परिवारों को सम्मान जनक जीवन यापन करने में सहायता मिले और उनका जीवन स्तर ऊपर उठ सके।

उन्होंने कहा कि जब मुलायम सिंह यादव जब देश के रक्षामन्त्री रहे, उन्होंने सैनिकों के पार्थिव शरीर को ससम्मान उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की और केंद्र की भाजपा सरकार ने अग्निवीर जैसी अस्थाई नौकरी की योजना लागू कर दी ताकि हमारे देश के सैनिकों को पेंशन न देनी पड़ जाए। 

उन्होंने कहा कि पुलवामा तथा दंतेवाड़ा जैसी अनेक घटनाओं में सीआरपीएफ के दो हजार दो सौ से अधिक, बीएसएफ के एक हजार नौ सौ से अधिक, आईटीपी के छः सौ से अधिक, सीआईएसएफ तथा एसएसबी के सैकड़ों जवानों ने अपनी शहादत दी। देश की जनता जानना चाहती है कि उनके तथा उनके परिजनों के लिए केंद्र की भाजपा सरकार ने क्या किया। 

सांसद ने कहा कि किसी उद्योगपति की सुविधा के लिए साढ़े अठारह लाख करोड़ माफ किए जा सकते हैं परंतु सरकार के पास सैनिकों की पेंशन देने के लिए फंड नहीं है। समाजवादी पार्टी यह मांग करती है कि यदि कहीं भी कोई जवान दुर्भाग्यवश अपनी जान गवां देता है तो उसे शहीद का दर्जा दिया जाए। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाए तथा इस बिल को सर्वदलीय बैठक में भेजा जाए ताकि इस पर व्यापक चर्चा हो सके और हमारे देश के बहादुर सैनिकों के साथ न्याय हो सके। उन्होंने कहा कि वह खुद तथा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से इस बिल का पुरजोर विरोध करते हैं। 

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