'मैं हूं फौजी, तू मनमौजी'...डांस तो खूब देखे होंगे, अब वर्दी पहने बदायूं के इन इंस्पेक्टर साहब के 'ठुमके' भी देख लीजिए

'मैं हूं फौजी, तू मनमौजी'...डांस तो खूब देखे होंगे, अब वर्दी पहने बदायूं के इन इंस्पेक्टर साहब के 'ठुमके' भी देख लीजिए

वीडियो वायरल होने के बाद चर्चा में आ गए खाकी वाले ये 'साहब'...वर्दी पहनकर नाचते नजर आ रहे

बदायूं। जिले की पुलिस तो वैसे अपना काम कर ही रही है, लेकिन एक इंस्पेक्टर साहब को वायरल होने का शौक पुराना है। घायलों को अस्पताल पहुंचाने या किसी की मदद करने तक बात रहती तो ठीक था, लेकिन ये साहब तो तिरंगा यात्रा में ही ठुमके लगाने लगे। अब जब इनकी वीडियो वायरल हुई तो ये साहब अचानक चर्चा में भी आ गए। 


मामला बिसौली तहसील का है और वर्दी पहनकर वीडियो में 'ठुमके' लगाते नजर आने वाले ये साहब बिसौली के वर्तमान इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह हैं। वीडियो कुछ समय पहले निकाली गई तिरंगा यात्रा का बताया जा रहा है। हालांकि वीडियो कुछ समय पहले का है लेकिन वायरल अब ज्यादा हो रहा है। इसमें इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ठुमके लगा रहे हैं और बैकग्रांउड में 'मैं हूं फौजी, तू मनमौजी' गाना बज रहा है। वीडियो में एक जगह तो उनकी कैप तक गिरती हुई और वह उसे संभालते दिख रहे हैं। इंस्पेक्टर के इस वीडियो के वायरल होने के बाद हर कोई अपने मुताबिक चर्चा कर रहा है। 

देखें, कैसे इंस्पेक्टर लगा रहे ठुमके-

(वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)-

https://www.facebook.com/share/r/1EqjHDT3xH/

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मातहतों को थमा देते हैं मोबाइल...फिर चलता है 'वाहवाही' का दौर

बदायूं। लोगों का कहना है कि केवल ठुमके लगाने का ही नहीं, बल्कि संबंधित थाना क्षेत्र में होने वाली तमाम घटनाओं का वीडियो भी इंस्पेक्टर द्वारा बनवाया जाता है। नाम न छापने की शर्त पर विभाग के ही कुछ लोग बताते हैं कि इंस्पेक्टर किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने का काम हो, या फिर किसी घटनास्थल पर त्वरित मदद करने का, पहले अपने किसी मातहत को मोबाइल थमाकर 'कैमरामैन' बना देते हैं और फिर उसके बाद कथित मदद करने का काम करते हैं। बिसौली तहसील क्षेत्र में कोल्डस्टोर गिरने की घटना हो या इस्लामनगर में आतिशबाजी में विस्फोट होने की, हर घटना में इंस्पेक्टर का वीडियो सामने आता रहा है। 

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बिसौली में बन गए 'मिस्त्री', महिलाओं से भी हुए सम्मानित

बदायूं। बिसौली में कुछ समय पहले एक धर्मस्थल के मामले में दो समुदाय आमने-सामने आ गए थे। इसमें इंस्पेक्टर ने मध्यस्थता करते हुए दोनों को समझाने का सराहनीय काम किया, लेकिन इसके बाद वायरल होने का फितूर फिर उनके दिमाग में जागा और साहब 'मिस्त्री' बनकर सीमेंट और ईंटे लेकर बैठ गए और कुछ तथाकथित नेताओं के साथ उनकी एक और वीडियो तैयार हो गई। 

(देखें वीडियो)- 

लोग बोले- 'मदद करना अच्छी बात, पर नहीं होना चाहिए दिखावा'

बदायूं। इस बारे में शिक्षक सुभाष चंद्र का कहना है कि इंस्पेक्टर को वर्दी के साथ-साथ मानवीयता दिखाना अच्छी बात है, लेकिन उससे पहले अपनी वीडियो बनवाने को दिखावा ज्यादा माना जाएगा। शिक्षक राजेश कहते हैं कि यदि इंस्पेक्टर निस्वार्थ भाव से वीडियो बनवाने पर ध्यान न देकर केवल मदद करने का काम करें तो ज्यादा बेहतर होगा। 



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