वीडियोः लांरेस विश्नोई गैंग में एक शूटर बदायूं का...दस साल पहले यहां भी की थी हत्या
पुलिस ने पैर में गोली मारकर पकड़ा
बदायूं। मुंबई के बहुचर्चित बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में शामिल कुख्यात गैंगस्टर लांरेस विश्नोई के गैंग में बदायूं का नाम भी जुड़ गया है। इसमें एक शूटर बदायूं का भी था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पैर में गोली लगी है। शूटर का दावा है कि उसे पुलिस ने बदायूं से गिरफ्तार किया है, हालांकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी मथुरा से बता रही है।
पकड़ा गया शूटर योगेश कुमार उर्फ राजू है जो शहर के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मथुरा पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में उसे बृहस्पतिवार को पकड़ा गया है। उसके पैर में गोली लगी है। योगेश दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में नादिर शाह की हत्या का मुख्य शूटर है। योगेश के पास एक .32 बोर की पिस्टल, सात कारतूस व एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
------
खुद को बताया गरीब, बोला- 'बदायूं से किया गिरफ्तार '
बदायूं। गिरफ्तारी के बाद योगेश ने पुलिस को बताया कि वह हाशिम बाबा गैंग से जुड़ा है, और वह गैंग भी लांरेस विश्नोई चलाता है। हाशिम बाबा भी कुख्यात गैंगस्टर है जो लांरेस विश्नोई का दोस्त बताया जाता है। खुद को गरीब बताते हुए (देखें वीडियो)
उसने कहा कि वह गरीब है और उस पर कई मुकदमे दर्ज करा दिए गए। उसे नाजायज सताया गया, जिस कारण वह आज यहां तक पहुंच गया। बोला- बाबा सिद्दीकी कोई ठीक आदमी नहीं था। उस पर मकोका भी लगा था और उसका कनेक्शन दाउद गिरोह से था।
-----
बोला- 'अगला निशाना कौन, मुझे पता नहीं'
बदायूं। गिरफ्तारी के बाद योगेश बोला कि गैंग का अगला निशाना कौन होगा, इसका उसे पता नहीं। वह तो जेल जा रहा है। हालांकि इससे यह तो साबित हो गया कि गैंग आगे भी किसी बड़ी वारदात को करने के मूड में है।
------
दस साल पहले बदायूं के ट्रांसपोर्टर अमन की हत्या में था शामिल
बदायूं। योगेश का नाम दस साल पहले ट्रांसपोर्टर अमन गुप्ता की हत्या में भी आया था। अमन की हत्या शहर के एक सट्टेबाज ने कराई थी। इस मामले में पुलिस ने बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र आलोकनगर निवासी गौरव साहू उर्फ विक्की, उसके भाई सौरभ उर्फ सिक्की, रजी चौक निवासी आशू साहू और कटरा ब्राह्मपुर निवासी योगेश को गिरफ्तार किया था।
-----
सबने बताए थे अलग-अलग कारण
बदायूं। अमन की हत्या में सभी आरोपितों ने हत्या के अलग अलग कारण बताए थे। योगेश का कहना था कि एक बार उसकी बाइक अमन की बाइक से टकरा गई थी। तब अमन ने उसे पीटा था और चाकू मारकर उसे घायल कर दिया था। पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने डेढ़ हजार रुपये में फैसला करा दिया गया। फिर भी अमन उसे अक्सर पीट देता था। सतीश और उनके पुत्रों ने अपनी दुश्मनी निकालने के लिए उसे साथ ले लिया। आशू उसका दोस्त था, इसलिए वह भी उनका साथ देने को तैयार हो गया। उन्हें मालूम था कि अमन रोज शाम को कई घंटे उपाध्याय होटल में बैठता है। उन्होंने मौका देखकर उसकी हत्या कर दी।
-----
माता-पिता की हो चुकी है मौत, कोई नहीं रहता यहां
बदायूं। बताया जाता है कि योगेश के माता-पिता की मौत हो चुकी है। योगेश के पिता बड्डा रोडवेज पर घड़ी बेचने की फड़ लगाते थे। योगेश के एक छोटा भाई है जो अब फरीदाबाद में रहना बताया जाता हैं। परिवार में दो बहनें भी हैं लेकिन अब कटरा ब्राह्मपुर वाले मकान में कोई नहीं रहता। यहां घर खंडहर हो चुका है। योगेश का नाम कासंगज में हुए एक मर्डर में भी सामने आया था। अब उसका नाम लारेंस गैंग से जुड़ा होने का खुलासा होने के बाद बदायूं में उसके जानकार भी यह जानकर सन्न रह गए हैं।