अपनी बात पर अड़े मृतक सेल्समैन मुकेश के परिवार वाले, बोले- 'किसी का भरोसा नहीं, सबको खरीद लिया'
एडीजी के यहां शिकायत के बाद सीओ कार्यालय में बुलाया गया था बयान के लिए
भाई रामवीर ने कहा - 'बदायूं और बरेली की पुलिस पर भरोसा नहीं'
सेल्समैन की हत्या में नामजद हैं ब्लूमिंगडेल स्कूल के निदेशक ज्योति मेहंदीरत्ता और उनका कथित मैनेजर पंकज खुराना
बदायूं। कुंवरगांव क्षेत्र के दुगरैया में शराब सेल्समैन मुकेश यादव की हत्या के मामले में उसके परिजन एक ही बात लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें किसी का भरोसा नहीं है। सबको खरीद लिया गया है।
दरअसल बदायूं पुलिस की जांच और खुलासे पर अविश्वास जताते हुए मृतक मुकेश के भाई रामवीर बरेली में एडीजी रमित शर्मा से भी मिल चुके हैं। वहां से अग्रिम कार्रवाई के आदेश के बाद रामवीर को सीओ कार्यालय बुलाया गया था। मंगलवार को रामवीर अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ सीओ कार्यालय पहुंचे। रामवीर के अनुसार, उनसे कहा गया है कि बदायूं के किसी भी थाने या बरेली में जांच ट्रांसफर करवा लें, जिसमें उनकी सहमति हो, लेकिन रामवीर ने बदायूं और बरेली पुलिस पर भरोसा न होने की बात कही। रामवीर ने तो यहां तक कहा कि वह सीबीआई से कम किसी भी जांच पर सहमत नहीं हैं।
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ये है अब तक का पूरा मामला
बदायूं। विगत 13 मई को कुंवरगांव क्षेत्र के गांव दुगरैया में देशी शराब की दुकान के सेल्समैन मुकेश यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में 24 घंटे के भीतर ही तीन बदमाशों को पकड़ने के बाद यह दावा किया था कि लूट के लिए मुकेश यादव की हत्या की गई थी। पुलिस ने चौथे मुख्य आरोपित रवि बिहारी पर 50 हजार का इनाम भी घोषित कर दिया था। परिवार वालों के एडीजी रमित शर्मा से मिलने के बाद पुलिस ने बिहारी को भी पैर में गोली मारकर पकड़ लिया। हालांकि परिवार वालों का दावा था कि पुलिस नामजद ज्योति मेहंदीरत्ता और पंकज खुराना को बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। मृतक के भाई रामवीर का दावा था कि
पुलिस ने जिस रात रवि बिहारी से मुठभेड़ दिखाई है, उससे एक दिन पहले ही उसे पकड़ लिया था। उसके बाद उससे उनकी थाने में मुलाकात कराई गई। उस समय उनके समेत करीब 8-10 गांव वाले भी थे। जब उन्होंने उससे पूछा तो वह कोई सही जवाब ही नहीं दे पा रहा था। उसे यह तक पता नहीं था कि उनके भाई मुकेश को कितनी गोली लगी थी। बोले- पुलिस उसे न जाने कहां से पकड़ लाई। उसे तो कुछ पता ही नहीं है। वह उससे कुछ पूछ रहे थे लेकिन वह कुछ बता रहा था।
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कांग्रेस भी कह चुकी- हत्या में शराब माफिया का हाथ
बदायूं। सेल्समैन की हत्या के मामले में पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के आदेश पर जिलाध्यक्ष अजीत यादव समेत कांग्रेसियों का एक प्रतिनिधिमंडल मुकेश के परिवार वालों से मिला था। कांग्रेस ने स्पष्ट कहा था कि हत्या में शराब माफिया का हाथ है और कांग्रेस परिवार वालों के साथ खड़ी है।
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