खंडसारी में मोहर्रम पर नई परंपरा डालने का विरोध, तनातनी वाला हुआ माहौल

खंडसारी में मोहर्रम पर नई परंपरा डालने का विरोध, तनातनी वाला हुआ माहौल

मोहल्लेवासियों के अनुसार- शिया समुदाय का एक व्यक्ति कर रहा था नई परंपरा डालने का प्रयास

बाहरी लोगों को बुलाकर शिया समुदाय के तौर तरीकों से मनाया जा रहा था मातम

सब की बात न्यूज

बदायूं। मोहर्रम के महीने में शहर के मोहल्ला खंडसारी में शिया समुदाय के कुछ लोगों द्वारा नई प्रथा डालकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप सुन्नी समुदाय के लोगों ने लगाया है। इसके चलते शनिवार देर रात दोनों पक्षों में काफी तनातनी रही। बताया तो यहां तक जाता है कि नौबत मारपीट तक की आ गई। हालांकि सुन्नी समुदाय के लोगों ने शिया समुदाय के लोगों द्वारा किसी नई प्रथा की शुरुआत नहीं करने दी। 

शहर के मोहल्ला खंडसारी में सुन्नी समाज के लोग रहते हैं। सुन्नी समुदाय के लोग काफी लंबे समय से चले आ रहे पुराने तौर तरीकों से ही माहे मोहर्रम के गम के त्योहार को मनाकर कर्बला के शहीदों की शहादत को याद करते हैं। बताते हैं कि मोहर्रम की नौ तारीख शनिवार रात को मोहल्ले में ही रहने वाले एक व्यक्ति ने मोहल्ले में स्थित बड़े इमामबाड़े पर बाहर से शिया समुदाय के कुछ लोगो को

बुलाकर शिया समुदाय के तौर तरीकों से मातम करना शुरू कर दिया। मोहल्ले के लोगों को जब इसका पता चला तो उनमें रोष फैल गया और तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। बताया जाता है कि मोहल्ले का यह  व्यक्ति नासिक से आया है। 

जब मोहल्ले के लोगों ने नई परंपरा डालने का विरोध किया तो वह व्यक्ति भड़क गया और शिया समुदाय के बाहर से आने वाले लोगों को भी भड़काना शुरू कर दिया। इससे मोहल्ले का माहौल गर्मा गया। दोनों पक्षों में काफी देर तक तनातनी का माहौल रहा। बताया तो यहां तक जाता है कि नौबत मारपीट तक की आ गई थी, लेकिन कुछ मोअज्जिज लोगों ने हस्तक्षेप करके मामले को सुलझा दिया। इसके बाद शिया समुदाय के लोग वहां से चले गए। इसके चलते रविवार तड़के तक मोहल्ले का माहौल अफरातफरी वाला रहा। शिया समुदाय द्वारा बड़े इमामबाड़े में किए गए मातम का वीडिया भी वायरल हो रहा है। 

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  • user by जतिन यादव

    पीडीए का प्रचार कर रहे हैं या अपना। पूरा जिले में कहा प्रचार हो रहा है बस शेखुपुरा में हो रहा है

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  • user by Anonymous

    Rt bhie

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  • user by श्रीकांत यादव

    दल बदलू नेता हैं ये, किसी का भला नहीं कर सकते हैं ये। टिकट का सपना देख रहे हैं कई नेता पर टिकट नहीं मिलेगा। आबिद रजा काजी रिजवान शैलेश पाठक, विमल कृष्ण सब ताकते रह जाएंगे

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