विदेश भेजने का दिया झांसा, गुजरात के लग्जरी होटल में रुकवाया, धीरे-धीरे करके ठग लिए 3.5 लाख
साइबर क्राइम पुलिस ने करीब 68 हजार रुपये खाते में फ्रीज कराकर पीड़ित को दिलाई 31 हजार की धनराशि
बदायूं। विदेश भेजने का झांसा देकर तीन लोगों से साढ़े तीन लाख की ठगी कर ली गई। साइबर क्राइम पुलिस ने अब 68742 रुपये को संबन्धित बैंक में फ्रीज कराते हुए 31 हजार रुपये की धनराशि वापस कराई।
ठगी का यह मामला करीब दो साल पहले का है, जिसमें जनवरी माह में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता शहर के मोहल्ला खंडसारी निवासी अफजल अजीज का कहना था कि कुछ साल पहले उनका संपर्क हाशिम निवासी ओमकालेश्वर थाना आदमपुर जिला वाराणसी से व्हाट्सएप पर हुआ था। हाशिम ने उनसे मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। बातचीत में हाशिम ने बताया कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम भी करता है। अफजल ने उस पर विश्वास करते हुए अपनी बहन के देवर सलीम निवासी मोहल्ला मौलवी टोला जिला बदायूं से उसकी बात कराई, जिसके बाद हाशिम और सलीम के बीच 1.10 लाख रुपये में विदेश भेजे जाने का सौदा तय हो गया। इसके बाद हाशिम ने सलीम से कहा कि वह दो लोगों का और इंतजाम विदेश भेजने के लिए करा दे। इस पर सलीम ने अपने परिचित जुबैर निवासी मोहल्ला सोथा तथा शोएब निवासी मोहल्ला हकीमगंज को भी विदेश जाने के लिए राजी कर लिया। तीनों का सौदा तीन लाख 30 हजार रुपये में तय हुआ।
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गुजरात के व्यक्ति ने किया सबका इंटरव्यू
बदायूं। बकौल अफजल, तीनों के तैयार होने के बाद हाशिम ने अपने साथी कमलेश कुमार प्रजापति निवासी भरूच, गुजरात से तीनों का इंटरव्यू कराया। हाशिम और कमलेश ने तीनों को मेडिकल के लखनऊ पहुंचने को कहा तथा मेडिकल के नाम पर नौ हजार रुपये और ले लिए। इसके बाद दोनों ने वीजा कराने और ऑफर लेटर के नाम पर 53,762 रुपये लिए। इसके बाद भी कई बार अलग-अलग बहानों से और भी रुपये ठगे गए।
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विदेश की फ्लाइट बताकर बुला लिया गुजरात
बदायूं। अफजल के अनुसार, काफी रुपये ठगने के बाद दोनों ठगों ने सलीम व उसके दोनों साथियों को दुबई की फ्लाइट बताकर गुजरात बुला लिया तथा वहां भी एक गेस्ट हाउस में छह दिन ठहराने व अन्य खर्चों के नाम पर 45 हजार रुपये लिया गया। इसके बाद दोनों ने सलीम व उसके दोनों साथियों का फोन उठाना बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। कुल मिलाकर तीनों से तीन लाख 49 हजार 760 रुपये की ठगी कर ली गई। अफजल ने चूंकि विदेश भेजने में रिश्तेदारी के नाम पर मध्यस्थता की थी, इसलिए उन्होंने इस ठगी की एफआईआर दर्ज कराई। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस ने ठगी की कुल धनराशि में से 68742 रुपये संबधित बैंक में फ्रीज करा दिया गया। कोर्ट द्वारा धनराशि को पीड़ित के पक्ष में अवमुक्त किये जाने के आदेश के बाद 31 हजार रुपये वापस कराए गए हैं।
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