किसी नेता के बेटे से हुई थी एचपीसीएल के हत्यारोपित अजय की बात...? हालात कुछ ऐसा कर रहे इशारा!
सही दिशा में चली पुलिस की जांच तो खुल सकते हैं कई चौंकाने वाले नाम
सफेदपोश नेताओं का वरदहस्त था, तभी अजय और उसके परिवार वाले हो गए निरंकुश
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बदायूं। एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद हर तरफ यही चर्चा है कि इसमें हत्यारोपित को एक नेता का संरक्षण प्राप्त था। यही वजह रही कि अजय प्रताप और उसके परिवार वालों के हौसले वक्त-दर-वक्त बढ़ते गए, जिसका अंजाम दो लोगों की हत्या तक जा पहुंचा। इसमें जो सबसे बड़ी खास बात है वह इस बात की चर्चा है कि हत्या से कुछ समय पहले हत्यारोपित अजय एक नेता के बेटे के संपर्क में था। कुछ लोग तो दबी जुबान यह भी कहने से नहीं चूक रहे कि हत्या के बाद भी हत्यारोपित ने नेता के बेटे को कॉल भी की थी। हालांकि यह सब तब ही साबित हो पाएगा जब पुलिस की जांच निष्पक्षता से होगी।
वारदात और अजय प्रताप की कथित गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार वालों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अजय के ताऊ पर भी पुलिस का शिकंजा कस चुका है तो उसके भाई केशव, तहेरे भाई अभय प्रताप समेत चंद्रशेखर और शिवम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यहां यह भी गौर करने वाली बात ये है कि एचपीसीएल प्लांट के जिस कर्मचारी राहुल मिश्रा की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है, उसी राहुल मिश्रा की पुलिस ने तब नहीं सुनी थी, जब अजय और उसके भाईयों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। लोगों का कहना है कि अजय और उसके परिवार वालों पर क्षेत्र के ही एक सत्ताधारी नेता का संरक्षण था, इसलिए वे निरंकुश होते गए और पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बचती रही। इसी बीच एक चर्चा इस बात की भी है कि हत्या के बाद इसी नेता के बेटे से हत्यारोपित की बात हुई थी, जिसने उसे सरेंडर करने की सलाह भी दी थी।
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कौन है वो नेता, उसका भाई और बेटा
बदायूं। जब से यह कांड हुआ है तब से मीडिया में एक सत्ताधारी नेता, उसके भाई और बेटे का नाम सुर्खियों में तैर रहा है। हालांकि न तो किसी मीडिया संस्थान ने उस नेता का नाम उजागर किया है और न ही नेता के भाई और बेटे का नाम सामने आया है। हालांकि सभी दबी जुबान कह रहे हैं कि चाहें कोई भी हो, सभी को सब कुछ पता है, लेकिन सबकी अपनी मजबूरियां हैं। इसके अलावा, चाहें मीडिया हो या फिर आम आदमी, किसी को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक उस पर लगे आरोप साबित न हो जाएं।
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ब्लॉक प्रमुख के साथ अभय प्रताप की तस्वीरें हो चुकीं वायरल
बदायूं। इस कांड के बाद हत्यारोपित अजय प्रताप के भाई अभय प्रताप के साथ ब्लॉक प्रमुख अतेंद्र विक्रम सिंह और आंवला लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद धर्मेद्र कश्यप की कुछ तस्वीरें वायरल हुई थीं। अतेंद्र विक्रम सिंह दातागंज क्षेत्र के भाजपा
(आप भी देखिये तस्वीरें) -


विधायक राजीव कुमार सिंह के बेटे हैं। हालांकि इस संबध में जहां एक तरफ तमाम लोग विधायक और उनके परिवार के विपक्ष में बातें कर रहे हैं वहीं तमाम लोगों का कहना है कि राजनीति में सभी से संबंध बनाकर रखने पड़ते हैं। अब कब कौन कहां वारदात कर दे, इसका पता कैसे लगाया जा सकता है लेकिन फिर भी हत्यारोपित या उनके परिवार वालों का किस नेता से संबंध है तो वह पुलिस की निष्पक्ष जांच में ही सामने आ सकता है।
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कहीं मुरादाबाद में तो नहीं छिपा बैठा अभय
बदायूं। हत्याकांड के बाद से ही अजय प्रताप के परिवार वाले घर छोड़कर इधर-उधर हो गए हैं। बीच में उनके नेपाल भाग जाने की भी चर्चा हुई तो कई लोगों का यह भी
- अभय प्रताप-
कहना है कि अजय का भाई अभय इस समय मुरादाबाद में छिपा हो सकता है। उसका एक व्हाट्सएप ग्रुप भी चलने की बात सामने आ रही है, जिसमें अभय के एक खास दोस्त का मुरादाबाद निवासी प्रधान भाई शामिल है। ऐसे में यह हो सकता है कि अभय ने वहां शरण ले रखी हो।
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